पिछले दिनों म्यांमार की सेना द्वारा रोहिंग्या मुस्लिमों के उत्पीड़न की खबरें आयी थीं जिन्हें उनकी धरती से भगाया जा रहा था।

रोहिंग्या मूलतः म्यांमार के रखाइन प्रान्त में रहने वाले लोग हैं जिन्हें म्यांमार अपना नागरिक ही नहीं मानता और उन्हें नागरिकता नहीं देता। म्यांमार से जान बचाकर रोहिंग्या मुस्लिमों ने कई देशों में शरण ले रखी है।

जिसमें से उनकी बड़ी आबादी बांग्लादेश में रहती है। आंकड़ों के मुताबिक इस समय बांग्लादेश में रोहिंग्याओं की आबादी 9 लाख से ऊपर है। इनमें से बड़ी आबादी कॉक्स बाजार में रहती है।

रायटर्स की एक रिपोर्ट की माने तो, कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या रिफ्यूजियों के कैंप में देह व्यापार का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। खाने-पीने जैसी मूलभूत चीजों के लिए तरस रहीं रोहिंग्या महिलाएं इस दलदल में उतर रही हैं। वे 100-100 के लिए अपना बदन बेच रही  हैं

जानकार हैरानी होगी, देह व्यापार के दलदल में उतरने वाली कुछ रोहिंग्या लड़कियों की उम्र 14 वर्ष तक है। रायटर्स रिपोर्टरों ने जब इन महिलाओं से बात की तो उन्होंने इस धंधे में उतरने को लेकर ऐसे खुलासे किए जो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर दें।

रोहिंग्या महिलाओं के मुताबिक, उनके पास पेट पालने के लिए कोई विकल्प नहीं बचे हैं जिस कारण उन्हें इस धंधे में उतरने पर मजबूर होना पड़ा। इन रोहिंग्या महिलाओं में बहुत सी ऐसी हैं जिनके यहाँ कोई मर्द नहीं बचा है क्योंकि म्यांमार में ही वे उन्हें खो चुकी थी।

 

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