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अफवाहों से रहें सावधान! एक बार फिर से नागरिकता कानून को समझिये; भ्रम दूर कीजिए

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नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन एक्ट पर देश भर में विरोध प्रदर्शन चल रहा है जिसने आम जनता को परेशान कर दिया है. हर तरफ जाम है, उग्र पदर्शन है. सड़कों पर आग फैली है. कुल मिलाकर जो जहां है वहीं बंधक बना हुआ है. वो भी नागरिकता क़ानून के नाम पर नहीं बल्कि इस क़ानून के नाम पर फैलाई गई अफवाह के नाम पर है. हर तरफ सिर्फ झूठ ही झूठ है. उस झूठ के नाम पर चल रहे उपद्रव में आम जनता पिर रही है . देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ. ऐसे में आज फिर नागरिकता कानून को समझिये, भ्रम दूर कीजिए.

 

आखिर क्या है नागरिकता कानून: 
1. पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार लोगों को नागरिकता देगा.
2. हिन्दू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसियों को शरण मिलेगी.
3. पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आए लोगों को शरण मिलेगी.
4. पहले 11 साल में नागरिकता मिलती थी अब 6 साल में मिलेगी.
5. इस कानून में किसी की नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं.

नागरिकता पर आपका सच जानना ज़रूरी है.   
अफवाह: नागरिकता कानून भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ है
सच: नागरिकता कानून किसी भारतीय मुस्लिम के खिलाफ नहीं है
अफवाह: नागरिकता कानून से मुस्लिमों को देश से निकाला जाएगा
सच: किसी भारतीय मुस्लिम नागरिक को देश से नहीं निकाला जाएगा
अफवाह: नागरिकता कानून से मुस्लिमों की नागरिकता छीन ली जाएगी
जवाब: ऐसा नहीं है, ये कानून नागरिकता देने के लिए है, छीनने के लिए नहीं.
अफवाह: इस कानून से बाहरी मुस्लिमों को भारत की नागरिकता नहीं मिलेगी
सच: ऐसा नहीं है, बाहरी मुस्लिमों को भी तय नियम के मुताबिक नागरिकता मिलेगी
अफवाह: मोदी सरकार मुस्लिमों के आतंरिक मामलों में दखल दे रही है
सच: सरकार धर्म विशेष के आधार पर कानून नहीं बना सकती
अफवाह: नागरिकता कानून अनुच्छेद 371 का उल्लंघन करता है
सच: नागरिकता कानून अनुच्छेद 371 का उल्लंघन नहीं करता है
अफवाह: नागरिकता कानून आदिवासी इलाकों में लागू होंगे
सच: असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों में लागू नहीं
अफवाह: नागरिकता कानून से बांग्लादेश के हिंदू पलायन करेंगे.
सच: 31-12-2014 से पहले पलायन करने वालों हिंदुओं को ही फायदा.
अफवाह: असम के अल्पसंख्यक नागरिकता कानून से प्रभावित होंगे
सच: नहीं, ये पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक के लिए है
अफवाह: असम के 1.5 लाख बिना दस्तावेज वाले हिंदुओं को फायदा
सच: बिना कानूनी दस्तावेज के किसी को फायदा नहीं होगा
अफवाह: नागरिकता कानून से असम समझौता कमजोर होगा
सच: नागरिकता कानून से असम समझौते पर कोई असर नहीं
अफवाह: नागरिकता कानून असम के मूल निवासियों को नुकसान होगा
सच: नागरिकता कानून सिर्फ असम के लिए नहीं, पूरे देश के लिए है

अफ़वाह के खिलाफ आपको क्या करना चाहिए?
1. नागरिकता कानून के बारे में जानकारी हासिल करें.
2. नागरिकता कानून पर लोगों को जागरूक करें.
3  आसपास के लोगों को सच-झूठ में फर्क करना बताएं.
4. स्कूल-कॉलेज के छात्रों को नागरिकता कानून पर जागरूक करें.
5. अपने आॉफिस और सोसायटी में लोगों को सच बताएं.
6. मुस्लिम दोस्तों से बात करें, उन्हें अफ़वाह से दूर रहने के लिए कहें.
7. मुस्लिम दोस्तों को नागरिकता कानून पर सच बताएं.
8. सोशल मीडिया पर अफ़वाहों को आगे ना बढ़ाएं.

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