Connect with us

विशेष

अभिनंदन पर सबसे बड़ा खुलासा..पाक आर्मी ने बुरी तरह प्रताड़ित किया

Published

on

वतन वापसी के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को वायु सेना ने अपने हॉस्टल में शिफ्ट कराया है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अभिनंदन की मेडिकल रिपोर्ट से क्या निकल कर आया है। मेडिकल जांच की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

अभिनंदन को  मानसिक प्रताड़ना:सूत्र :  न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अभिनंदन वर्तमान को पाकिस्तान में शारीरिक प्रताड़ना नहीं दी गई लेकिन उन्होंने कई मानसिक कष्ट से जरूर गुजरना पड़ा है। उन्हें बुरी तरह मानसिक प्रताड़ना दी गई।

पूर्व राजनयिक एनएन झा ने कहा, पाकिस्तान ने जिनेवा कॉन्वेंशन के साथ रेड क्रॉस का भी उल्लंघन किया और एक युद्धबंदी को जैसे दिखाया गया, वह निःसंकोच कई सवाल उठाता है। भारत इस मु्द्दे को विश्व बिरादरी में उठा सकता है। भारत को इसके पुख्ता सबूत अंतरराष्ट्रीय अदालत और सुरक्षा परिषद में रखने चाहिए।

बता दें कि 27 फरवरी को पाकिस्तानी विमानों द्वारा भारतीय वायु सीमा के उल्लंघन के दौरान अदम्य वीरता का प्रदर्शन करने वाले विंग कमांडर अभिनंदन शुक्रवार रात को पाकिस्तान से स्वदेश वापस लौट आए। उनकी वापसी से पहले के कुछ घंटे संशय से भरे रहे। इस कदम को आतंकवाद का पाकिस्तान से जारी समर्थन पर भारत के जवाब के बाद उत्पन्न तनाव की स्थिति को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल, शुक्रवार को पाकिस्तान विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंपने वाला था। इसके लिए भारत की ओर से पूरी तैयारियां की जा चुकी थीं। वायुसेना के अधिकारी, भारतीय दूतावास के अधिकारी और सरकार के प्रतिनिधि सभी समय पर तैयार थे, मगर पाकिस्तान की चालबाजियों ने दोपहर से रात कर दिया। पहले पाकिस्तान की ओर से ही बताया गया था कि अभिनंदन को वह करीब दोपहर में 3 से चार बजे के बीच में रिहा कर देगा, मगर उसने बार-बार देरी की। इसके पीछे कई वजहें बताईं जा रही हैं। मसलन, वह इस घटना को लाइम लाइट में लाना चाहता था। वह चाहता था कि पूरी दुनिया की नजर इस खबर पर हो।

क्या देरी पाकिस्तान की कोई चाल थी?शुक्रवार शाम के तीन बजे के आस-पास अभिनंदन को पाकिस्तान ने रावलपिंडी से लाहौर पहुंचा दिया गया था। मगर लाहौर से वाघा बॉर्डर लाने में उसने इतनी देर लगा दी, जिससे उसके नापाक इरादे भी सबसे सामने जाहिर हो गए। सूत्रों की मानें तो अभिनंदन को लाहौर में स्थित किसी सेना के छावनी में रोक कर रखा गया था और पाकिस्तान ने अभिनंदन का जबरन एक वीडियो बनवाया।

यह बात भी सही है कि पाकिस्तान और भारत के बीच दस्तावेज की प्रक्रिया में भी कुछ समय की देरी हुई थी, मगर यह देरी इतनी भी नहीं थी कि अभिनंदन की वापसी में दोपहर से रात हो जाए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय पायलट अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने में देरी इसलिए हुई क्योंकि, उनसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने कैमरे पर बयान दर्ज करने को कहा। इसके बाद ही उन्हें सीमा पार करके स्वदेश जाने दिया गया। इसके अलावा दस्तावेजों से संबंधित मुद्दे भी देरी की वजह बनी। सूत्रों ने बताया था कि पाकिस्तान ने उनकी रिहाई का समय दो बार टाल दिया।

वतन वापसी पर क्या थी अभिनंदन के पहली प्रतिक्रिया?अमृतसर के उपायुक्त शिव दुलार सिंह ढिल्लों ने बताया कि बहादुर पायलट अपने देश लौटकर खुश है। यह पूछे जाने पर कि अभिनंदन ने स्वदेश लौटने पर अधिकारियों से क्या कहा, उपायुक्त ने कहा था कि वह पहले मुस्कुराए और बोले, ‘मैं अपने देश वापस लौटकर खुश हूं।’ वाघा अटारी सीमा पर कुछ औपचारिकताओं के बाद उन्हें बीएसएफ अधिकारियों को सौंप दिया गया। बाद में वायुसेना के अधिकारी अपने साथ अभिनंदन को लेकर आए। इसके बाद विंग कमांडर को अटारी सीमा से वायुसेना के वाहन में अमृतसर ले जाया गया। इस दौरान पंजाब पुलिस की गाड़ियां उनके वाहन के साथ चल रही थीं। इसके बाद वर्धमान को हवाई मार्ग से दिल्ली लाया गया।

पाक सरजमीं पर अभिनंदन के वो 60 घंटे:विंग कमांडर अभिनंदन 27 फरवरी को सुबह करीब दस बजे पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर प्लेन का पीछा करते हुए पाकिस्तान की सीमा में जा घुसे थे। पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराने के बाद अभिनंदन का विमान भी क्रैश हो गया। इस वजह से उन्हें किसी तरह पैराशूट की मदद से उतरना पड़ा। जब वह नीचे आए तब उन्हें एहसास नहीं था कि वह दुश्मन देश की धरती पर जा पहुंचे है। कुछ लोग उनके पास आए, जिनसे अभिनंदन ने पूछा कि वह कहां हैं। इस पर कुछ पाकिस्तानियों ने चालबाजी दिखाते हुए उनसे कहा कि आप भारत की धऱती पर हैं। मगर अभिनंदन को कुछ शक हुआ। इसके बाद वह भारत माता की जय के नारे लगाए। इसके बाद फिर पाकिस्तानियों ने उन्हें घेर लिया। अभिनंदन किसी तरह खुद को बचाने के लिए वहां से भागे। बाद में उन्हें पाकिस्तानी सेना ने अपनी हिरासत में ले लिया। सेना ने उनसे पूछताछ की, मगर अभिनंदन ने उतना ही मुंह खोला, जितना उन्हें बताने की इजाजत होती है वायुसेना में। इसके बाद उन्हें पाकिस्तानी सेना ने चाय-कॉफी भी पिलाई। उसके बाद फिर इमरान खान की घोषणा के बाद दुनिया को पता चला कि वह महज दो दिन के बाद ही वतन वापस हो जाएंगे।

पीएम मोदी ने कहा- घर वापसी की बधाई : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अभिनंदन की वापसी का स्वागत करते हुए ट्वीट में कहा था कि ‘विंग कमांडर अभिनंदन आपका घर में स्वागत है। राष्ट्र को आपके अदम्य साहस पर गर्व है। हमारे सशस्त्र बल देश के 130 करोड़ भारतीयों के लिये प्रेरणा का स्रोत हैं।’ विंग कमांडर अभिनंदन की स्वदेश वापसी पर पूरे देश की निगाहें वाघा बॉर्डर पर दिन भर लगी रही। इतना ही नहीं, विंग कमांडर अभिनंदन को राहुल गांधी, समेत कई राजनीतिक नेताओं ने बधाई दी और उनकी वतन वापसी पर ट्वीट किए।

वायु सेना अधिकारी अभिनंदन वर्द्धमान के पाकिस्तान की हिरासत से मुक्त होकर लौटने के बीच भारी संख्या में मीडियाकर्मियों की नजर इस पर थी और पूरे देश के लोग टीवी सेट पर टकटकी लगाये हुए थे। अटारी बाघा सीमा के पास चेकपोस्ट पर सुबह से ही लोग तिरंगा लिये जमा थे। उनमें से अनेक अपना चेहरा तिरंगे के रंग से रंगे थे और विंग कमांडर अभिनंदन की सुरक्षित वापसी के समर्थन में नारे भी लगा रहे थे और जश्न का माहौल था। गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी सीमा में जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाया। उसके बाद पाकिस्तानी वायु सेना की ओर से भारत की वायु सीमा का उल्लंघन किया गया और इस दौरान हुए हवाई संघर्ष में पाकिस्तान का एक एफ।।16 विमान गिरा दिया गया एवं भारत का मिग 21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस संघर्ष के परिणामस्वरूप विंग कमांडर अभिनंदन का पैराशूट सीमा पर बढ़ गया और उन्हें 27 फरवरी को पाकिस्तान ने पकड़ लिया गया था।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *