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अमरीकियों को मिलने वाले राहत भुगतान के चेक पर छपा होगा डोनाल्ड ट्रंप का नाम

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वाशिंगटन। कांग्रेस द्वारा अमरीकियों को भेजे जाने वाले कोरोना वायरस राहत भुगतान के पेपर चेक पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम छपा होगा। ट्रेजरी विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया से पुष्टि की है। यह पर हस्ताक्षर नहीं होगा, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम अंकित होगा। इन चेकों पर नाम लाने के लिए समय लग सकता है। ऐसे में इसे जारी करने में देरी संभावना बनी हुई है।

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कांग्रेस ने पिछले महीने 2 ट्रिलियन डॉलर कोरोना वायरस राहत पैकेज पारित करने की घोषणा की थी। जिसमें बच्चों के लिए अतिरिक्त राशि के साथ-साथ अन्य उपायों के साथ व्यक्तियों के लिए 1,200 डॉलर तक का प्रत्यक्ष नकद भुगतान शामिल है। ट्रंप ने इस पर सहमती जताई थी।

वहीं दूसरी ओर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह देश को पुराने ढर्रें पर लाने के लिए काम कर रहे हैं। वह देश को दोबारा खोलने के लिए बेहद करीब हैं। कोरोना वायरस के कहर के मद्देनजर देश में 30 अप्रैल तक सामाजिक दूरी बनाने के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी हैं। इस घातक वायरस से देश की 95 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रभावित हुई है।

कोरोना वायरस पर एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा वह अपनी टीम और शीर्ष विशेषज्ञों से इस पर बातचीत कर रहे हैं। वह देश को दोबारा खोलने की योजना को पूरा करने के काफी करीब हैं। उम्मीद है ऐसा निर्धारित समय से पहले होगा। जो कि बेहद महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रपति ने कहा कि वे बहुत जल्द सभी 50 राज्यपालों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन की योजना और दिशा-निर्देश अमरीका के लोगों को सामान्य जीवन शुरू करने का आत्मविश्वास देंगे। जिनकी उन्हें जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपने देश को दोबारा खोलना चाहते हैं और फिर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। उनका देश खुलने वाला है और वह सफलता पूर्वक खुलेगा।

उनका यह बयान न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो के उस बयान के बाद आया जिसमें गवर्नर ने कहा था कि राज्य की भलाई के लिए वे तय करेंगे कि क्या ठीक है, न की राष्ट्रपति। ट्रंप ने कहा कि अब वह राज्यों को लॉकडाउन के फैसले के लिए गवर्नर की राय को ही मानेंगे। तीस अप्रैल से पहले अगर कोई गवर्नर सोचता है कि राज्य की स्थिति ठीक है तो वह अपना फैसला ले सकता है।

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