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आपस में ही उलझ गई यहां की पुलिस, सिविल ड्रेस में आई पुलिस को दूसरे शहर की पुलिस ने समझा बदमाश

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नागौर में कार्रवाई करने के बाद जब बीकानेर पुलिस के एएसआई भानीराम फिर मौके पर पहुंचे तो उनका सामना नागौर पुलिस एसआई दीनदयाल से हुआ। नागौर पुलिस ने सीधे एक ही सवाल किया कि आपलोग कौन है। इस पर एएसआई ने बीकानेर पुलिस होने का तर्क दिया। इसके बाद सभी को कोतवाली लाया गया।

डीडवाना बायपास तिराहा पर सुबह साढ़े 11 बजे एक युवक का अपहरण हो गया। कुछ लोग कार चालक को जबरदस्ती दूसरी कार में बैठा कर ले गए। यह सूचना पुलिस के पास पहुंचते ही कंट्रोल रूम ने बीकानेर, जोधपुर और डीडवाना की आेर जाने वाली सड़कों पर नाकाबंदी करवा दी। लेकिन करीब एक घंटे बाद जिस कार में युवक को ले जाया गया था वह फिर तिराहा पर आ गई। इस बीच कोतवाली पुलिस ने नाकाबंदी कर सीसीटीवी फुटेज तक खंगालने शुरू कर दिए। लेकिन युवक के आते ही सारी घटना खुल गई। बीकानेर पुलिस एक सीआई पुलिस जाब्ते के साथ बिना नागौर पुलिस को सूचना दिए ही कार्रवाई बदमाश युवक को पकड़ कर ले गए।

सभी पुलिस कर्मी प्राइवेट गाड़ी में थे तो लोगों को लगा कि अपहरण की वारदात हुई है। इधर कोतवाली पुलिस ने पूरे थाना क्षेत्र में नाकाबंदी करवाई तो बीकानेर पुलिस के आते ही कोतवाली एसआई दीनदयाल और बीकानेर पुलिस के सीआई में बहस हो गई। हालांकि एसआई दीनदयाल ने बताया कि मामले की जानकारी कोतवाल ही दे सकते है। एसआई ने किसी भी बहस से इनकार किया। गौरतलब है कि गत माह ऐसी ही घटना संजय कॉलोनी के पास हुई थी जब जोधपुर पुलिस बदमाश को पकड़ने नागौर आई और लोगों ने गैंग वॉर समझ पुलिस बुला ली थी। इसके बाद भी नाकाबंदी हुई। लेकिन रात तक सारा मामला खुल गया।


कोतवाली पुलिस : हमारा हल्का आप कैसे बिना बताए कार्रवाई कर रहे, हमें अफसरों को बताना होगा 

अपहरण, नाकाबंदी के बाद कोतवाली पुलिस ने एसआई दीनदयाल को घटना स्थल पर भेजा। मौके पर कोई नहीं था। लेकिन थोड़ी देर बाद ही बीकानेर की पुलिस आ गई। इस दौरान बीकानेर पुलिस के अधिकारी भानीराम और कोतवाली नागौर के एसआई दीनदयाल में बहस हो गई। एसआई दीनदयाल ने आते ही बीकानेर पुलिस से पूछा कि आप लोग कौन है और क्या कर रहे है। इस पर बीकानेर पुलिस ने जवाब में अपना परिचय दिया। बिना वर्दी कार्रवाई होने के बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई और तथ्य मांगे। इस पर बीकानेर और नागौर पुलिस में बहस हो गई। नागौर पुलिस का तर्क था कि कार्रवाई बिना सूचना के की जा रही है। किसी अनहोनी घटना होने पर कौन जिम्मेदार होगा। इस पर बीकानेर पुलिस कोई जवाब नहीं दे सकी।

बीकानेर पुलिस व बदमाश को कोतवाली लाया गया 

नागौर पुलिस ने गफलत उत्पन्न कर की गई कार्रवाई से नाराजगी जताई। इसके बाद एसआई दीनदयाल ने कहा कि बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के वे ऐसे ही किसी व्यक्ति को कैसे लेकर जा सकते है। इसके बाद बीकानेर पुलिस, बदमाश को कार सहित कोतवाली नागौर लेकर आ गई। जहां जरूरी बातचीत कर बीकानेर पुलिस को रवाना किया गया।

बीकानेर कोतवाल का तर्क : बदमाश का नाम नहीं बता सकते 

इधर नागौर में नाकाबंदी और पूरे पुलिस और शहर में अपहरण होने की घटना के बाद बीकानेर पुलिस प्रकरण को सामान्य रूप से लेती रही। बीकानेर कोतवाल जसवीर कुमार ने कहा कि जो बदमाश पकड़ा गया जो चालानशुदा था। लेकिन उसका नाम नहीं बता सकते। नाम बाद में बताया जाएगा। नागौर जिले में जो कार्रवाई हुई उसमें एएसआई भानीराम जाब्ते के साथ गए थे।

कार्रवाई की सूचना तो थी 

नागौर सीआई श्रवणदास संत ने बताया कि मेरे पास कार्रवाई की सूचना थी, बीकानेर पुलिस सिविल ड्रेस में थी, तो स्थानीय लोग पहचान नहीं सके और उन्होंने कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी।

बीकानेर का था आरोपी, नागौर में छुपा 

सूत्रों के अनुसार आरोपी चोरी की वारदातों में लिप्त था। लेकिन वह बीकानेर से नागौर आ गया। सूचना पर बीकानेर पुलिस ने उसे पकड़ा तो अपहरण की अफवाह फैल गई। नागौर में उसने बासनी में किसी परिचित के माध्यम से कार किराए पर ली। और औजार भी कार में डाल दिए। उसकी कार से कुछ जेवरात भी मिले है। पुलिस ने जिस व्यक्ति को पकड़ा था वह कार उसी की थी। इसके बाद एक होटल से आरोपी चोर को भी पकड़ लिया गया।

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