Connect with us

कोरोना वायरस

कोविड रिकवरी के बाद जरूर करवा लें ये Test, वरना हो सकते हैं गंभीर परिणाम

Published

on

कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर लगातार जारी है लेकिन इसी बीच आशा की एक किरण भी झलक रही है। दरअसल, पिछले दिनों के मुकाबले अब कोविड-19 के रिकवरी रेट (Covid recovery rates) में काफी सुधार आया है। ऐस में भले ही संक्रमण अनियंत्रित तरीके से फैल रहा है लेकिन लाखों लोग इससे अब जल्द ठीक भी हो रहे हैं। रिकवरी रेट में राहत के बीच हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार कोरोना से रिवकर होने के बाद वैक्सीन लगवाने की लगवाने और अपनी सेहत का खास ध्यान रखने को कह रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरस के म्यूटेशन के बाद और भी तमाम तरह के घातक नए वेरिएंट फैल रहे हैं। संकट के हालात में सभी लोगों को अपनी हेल्थ को अधिक मॉनिटर करने की जरूरत है। डॉक्टर्स बार-बार सभी लोगों से यही अपील कर रहे हैं कि महामारी को लेकर अधिक पैनिक होने की बजाए अपने स्वास्थ्य की निगरानी करते रहें। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स अब पोस्ट रिकवरी टेस्ट (Post-recovery tests) रिकमंड कर रहे हैं। यहां हम कुछ ऐसे जरूरी टेस्ट के बारे में बता रहे हैं जिनके जरिए अपने शरीर की उचित तरीके से देखरेख कर सकते हैं और ये भी पता कर सकते हैं कोविड का आप पर कितना प्रभाव पड़ा है।

(फोटो साभार: istock by getty images)

​जरूरी है पोस्ट-COVID चेकअप कराना

-covid-

शरीर में मौजूद हमारा इम्यून सिस्टम हर तरह के वायरस से काफी स्ट्रांगली फाइट करता है और इसी के चलते एक व्यक्ति फिर से सेहदमंद हो जाता है। हालांकि, SARS-COV-2 लॉन्ग लास्टिंग यानी लंबे समय तक शरीर में मौजूद रहने वाले वायरस है, ये मरीज के ठीक होने के बाद भी उसके तमाम अंगों को साइड इफेक्ट करता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपके ब्लड और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) में कई तरह के मार्कर्स हैं जो यह बता सकते हैं कि आपके शरीर के किन-किन हिस्सों को कोविड से हानि पहुंची है। अगर आप कोरोना के सीरियस इनफेक्शन (severe infection) से गुजरे हैं तो पोस्ट ऑप टेस्ट (ठीक होने के बाद टेस्ट) और स्कैन कराना सही निर्णय है।

स्कैन टेस्ट कराने के बाद हम ये पता लगा सकते हैं किकोरोना वायरस से हमारे फेफड़ों (lungs) के अलावा दूसरे किन-किन अहम अंगों (vital organs) को नुकसान पहुंचा है। पोस्ट-ऑप स्कैन और टेस्ट (Post-op scans and tests) से ये भी पता चल जाता है कि आप कितने सेहतमंद हैं। यदि आप हाल ही में कोरोनावायरस से रिकवर हुए हैं तो आपको एक बार फिर पोस्ट कोविड टेस्ट करा लेना चाहिए।

 

​हार्ट इमेजिंग, कार्डिएक स्क्रीनिंग

कोविड-19 इंफेक्शन की वजह से शरीर में बहुत अधिक इन्फ्लेमेशन (Inflammation) होता है जिसकी वजह से हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और उन्हें नुकसान भी पहुंचता है। इसके अलावा कोविड से रिकवर होने वाले कई मरीजों में हार्ट बीट के असामान्य होने की समस्याएं भी देखने को मिल रही है।

लिहाजा रिकवरी के बाद हार्ट इमेजिंग या कार्डिएक स्क्रीनिंग टेस्ट (Cardiac screening) जरूर करवाएं। इससे आप सचेत रहेंगे और अपनी समस्या का समय रहते समाधान खोज पाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी गंभीर लक्षण का सामना न करना पड़े।

 

​चेस्ट सीटी स्कैन

चेस्ट सिटी स्टैन टेस्ट (Chest CT Scan) के जरिए कोविड से उबर चुके व्यक्ति में ये पता लगाया जा सकता है कि उसकी कैसे रिकवरी कैसी हो रही है। इसके अलावा शरीर में बीमारी की गंभीरता का भी पता लग सकता है। डॉक्टर्स का मानना है कि सीटी स्कैन टेस्ट और लंग फंक्शन टेस्ट पोस्ट रिकवरी के बाद काफी सहायक हो सकता है।

​विटामिन डी टेस्ट

शरीर के लिए विटामिन डी एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व (Nutrient) है जो हमारे इम्यून फंक्शन को सपोर्ट करता है। स्टडीज के जरिए पता चला है कि कोविड संक्रमण के दौरान विटामिन डी का सप्लीमेंट कारगर साबित हो सकता है और इससे मरीज की स्पीड से रिकवरी होती है। इसलिए, विटामिन-डी टेस्ट करना बेहतर आइडिया है और ऐसे में आप भविष्य में होने वाले खतरे से निपटने के लिए समय रहते इसकी कमी को पूरा कर सकते हैं।

 

​न्यूरो फंक्शन टेस्ट

कोरोना वायरस संक्रमण की रिवकरी के बाद मरीजों में कई हफ्तों और महीनों तक न्यूरोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल लक्षण (Neurological and psychological symptoms) देखने को मिल रहे हैं। लिहाजा कोरोना से रिकवर हो चुके पेशेंट को ब्रेन और न्यूरोलॉजिकल फंक्शन टेस्ट (Neuro function test) करवाना जरूरी बताया जा रहा है ताकि मरीज में ब्रेन फॉग, ऐंग्जाइटी, बहुत अधिक थकान लगना, चक्कर आना जैसे लक्षणों का पता लग सके।

​ग्लूकोज- कोलेस्ट्रोल टेस्ट (Glucose, cholesterol tests)

-glucose-cholesterol-tests

हाल ही में कई शोध में ये पता चला है कि कोरोना वायरस उन मरीजों को भी डायबिटीज का मरीज (Diabetes) बना रहा है जिनमें संक्रमण से पहले शुगर के कोई लक्षण नहीं थे। यही वजह है कि कोविड-19 से रिकवर होने के बाद ग्लूकोज टेस्ट (Glucose test) करवाने की सलाह दी जा रही है। कोरोना संक्रमण वाले मरीज के शरीर में ब्लड ग्लूकोज का लेवल सामान्य से अधिक या कम हो सकता है।

​CBC टेस्ट (Blood Count test)

cbc-blood-count-test

सीबीसी टेस्ट फंडामेंटल टेस्ट है। इस टेस्ट के जरिए शरीर में मौजूद तमाम तरह की ब्लड सेल्स (आरबीसी, डब्ल्यूबीसी, प्लेटलेट्स आदि) को मीजर किया जाता है जिससे ये पता चलता है कि आपने घातक वायरस का सामना किस तरह से किया है। इस परीक्षण के जरिए आप पता कर सकते हैं कि रिकवरी के बाद आप कितने सेहतमंद हैं और किन चीजों पर आपको निगरानी रखने की जरूरत है।

 

​IgG एंटी बॉडीज टेस्ट

igg-

कोरोना इनफेक्शन (Covid Infestion) से रिकवर होने के बाद आपके शरीर में एंटी बॉडीज (Antibodies) का निर्माण होता है जो भविष्य में आने वाले संक्रमण के खतरे से आपकी सुरक्षा करते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप एंटीबॉडी का लेवल निर्धारित कर सही तरीके से ये सुनिश्चित नहीं कर सकते हैं कि आपका इम्यून सिस्टम कितना प्रोटेक्टिव है, लेकिन यदि आप प्लाज्मा डोनेट (Plasma donation) करते हैं तो ये प्रक्रिया सहायक हो सकती है।

आमतौर पर शरीर में एंटी बॉडीज को विकसित होने में एक या दो सप्ताह का टाइम लगता है। ऐसे में यदि आप किसी को प्लाज्मा डोनेट करना चाहते हैं तो अपनी रिकवरी के एक महीने के अंदर ये टेस्ट जरूर कराएं।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *