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कोविड-19 में मौसमी विशेषता नहीं होना चिंताजनक, डब्ल्यूएचओ ने काबू के बाद महामारी के फिर आने की जताई आशंका

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों के अनुसार अभी तक कोविड-19 वायरस ने कोई मौसमी विशेषता नहीं दिखायी है। ऐसे में कोरोना वायरस की रोकथाम से जुड़े कदम शिथिल किये जाने के बाद महामारी के फिर से लौटकर आने की आशंका है। हाल ही में कुछ यूरोपीय देशों में कोविड-19 के पुष्ट मामलों की संख्या फिर से बढ़ गई, जबकि उन देशों ने महामारी पर नियंत्रण कर लिया था।

कुछ रिपोर्ट के अनुसार यूरोप के सामने महामारी का दूसरा चरण आएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात कार्यक्रम के प्रधान माइकल रयान ने 10 अगस्त को आयोजित न्यूज ब्रीफिंग में कहा कि कम प्रचलन के दौर में महामारी के अचानक प्रकोप की संभावना भी होगी। पश्चिमी यूरोप के देशों को क्लस्टर महामारी और सामुदायिक संचरण पर ध्यान देना चाहिए और स्थानीय स्थिति के अनुसार रोकथाम के कदम उठाने चाहिए, ताकि व्यापक लॉकडाउन से बच सकें।

माइकल रयान ने साथ ही कहा कि अभी तक कोविड-19 ने कोई मौसमी विशेषता नहीं दिखाई है। लेकिन इसने स्पष्ट रूप से यह दिखाया है कि अगर एहतेयाती कदमों का दबाव कम हुआ, तो उस का प्रकोप फिर आएगा। यही वास्तविकता है।

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम गैब्रेयसस ने कहा कि विश्व में कोविड-19 महामारी का मुकाबला और रोकथाम करने, रोगियों का इलाज करने और उपचार तरीकों का अध्ययन करने के लिए तीन महीने पहले डब्ल्यूएचओ ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पहल की शुरुआत की थी। इस परियोजना के समर्थन से कई टीके दूसरे या तीसरे चरण की परीक्षा से गुजर रहे हैं। विश्व के 160 से अधिक देशों ने इसमें भाग लिया है।

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