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ट्रक ड्राइवर ने बचाई लड़की की इज्जत…बदले में लड़की ने जो किया उससे ड्राइवर की जिंदगी बदल गई

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हर किसी के जीवन में दुःख और सुख दोनों होता है और हर किसी के जीवन में बुरा समय भी ज़रूर आता है लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसे होते है जिनके बुरे वक़्त में कोई उनका साथ देता है और आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे है जिसके बुरे समय में कोई रिश्तेदार नहीं बल्कि एक ट्रक वाला काम आया।

ये घटना हरदयाल पुर गाँव की है। एक लड़की है जिसका नाम सावित्री देवी और उसकी बेटी है जिसका नाम किरण है। सावित्री देवी अपनी बेटी किरण के साथ हरदयाल पुर गाँव से दूर एक घर में रहती है। एक बार सावित्री अपनी बेटी के साथ अपने घर में सो रहीं थीं। रात में लगभग २ बजे थे की कुछ गुंडों ने सावित्री के घर पर हमला बोल दिया और किरण की बेटी को लेकर जंगल की तरफ भागने लगे।

जैसी ही सावित्री की नींद खुली को वो अपनी बेटी को बचने के लिए ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी लेकिन वो गुंडे 2 लोग थे इसीलिए सावित्री का कोई जोर नहीं चल रहा था। सावित्री की बेटी भी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी इतने में जंगल के पास से गुज़र रहे एक ट्रक वाले ने सावित्री की बेटी की आवाज़ सुनी तो ट्रक वही रोक दिया। उस ट्रक वाले का नाम असलम था। असलम जैसी ही उस लड़की की आवाज़ सुना तो अपने साथी को लकेर जंगल की तरफ गया।

जंगल में जाकर असलम ने जो देखा वो बहुत ही हैरान करने वाला था क्यूंकि वो 2 गुंडे सावित्री की बेटी की इज्जत लूटने की कोशिश कर रहे थे और असलम ने जब ये देखा तो उसने एक गुंडे को दोनों हाथों से पकड़ लिया। इतने में पीछे से दूसरे ने असलम के सिर एक जोरदार चीज़ से वार कर दिया। असलम गिर गया लेकिन असलम ने हिम्मत नहीं छोट लगने के बाद भी उन दो गुंडे से फिर से लड़ने लगा और असलम का साथी रईस भी असलम की मदद करने लगा। असलम और रईस ने मिलकर दोनों गुंडे को लहूलुहान कर दिया जिसकी वजह से दोनों भाग गए और असलम ने उस लड़की को सावित्री के पास ले जाकर छोड़ दिया और चला गया।

इस घटना के लगभग 5 साल बाद असलम उसी रस्ते से गुज़र रहा था की ब्रेक फेल होने की वजह से ट्रक खाई में गिरा और असलम उसी में फंस गया। ट्रक गिरने की आवाज़ आने पर सावित्री और किरण की आंखे खुल गई और दोनों रोड की तरफ़ जाने लगे।

रोड की तरफ जाने पर सावित्री और किरण ने देखा की एकआदमी उस ट्रक में फसा है जो खाई में गिरने वाला है। सावित्री और किरण ने जल्दी से जकर बड़ी मेहनत के करने के बाद असलम को बाहर निकल कर अपने घर ले आई और घरेलु नुस्खों की मदद से असलम के ज़ख्म पर दवा लगा दी।

असलम का एक्सीडेंट होने के तीन दिन बाद होश आया तो असलम ने वह किरण को देखा और उसे पहचान लिया की ये वही लड़की है जिसे दो गुंडे जंगल में उठा ले गए थे और असलम ने उसे बचाया था। ये देखकर असलम रोने लगा क्यूंकि उसे एहसास हो गया कि किसी की मदद करोगे तो उसका फल एक न एक दिन ज़रूर मिलेगा।

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