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ड्राइविंग लाइसेंस यानी DL को आधार से लिंक करना होगा जरूरी; जानिए सरकार के इस कदम के बारे में जरूरी बातें

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नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार आधार कार्ड से जुड़ा एक और कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ कर दिया है कि जल्द ही आपके ड्राइविंग लाइसेंस (driving licence) को आधार कार्ड (Aadhaar card) से लिंक करना जरूरी हो जाएगा। बता दें कि अभी तक पैन कार्ड और इनकम टैक्स फाइलिंग में आधार कार्ड जरूरी होता है। अति आवश्यक सरकारी सेवाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो चुकी है। अब सरकार का ताजा कदम ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड की लिंकिंग (Aadhaar card and DL) है। हम यहां आपको बता रहे हैं कि सरकार यह कदम क्यों उठाने जा रही है और इससे क्या फायदा होगा।

डुप्लीकेशन से बचाव होगा

सरकार आधार कार्ड से आपके ड्राइविंग लाइसेंस को लिंक करने की कई वजह गिना रही है। इसमें से एक वजह को जानना बेहद जरूरी है और इसके फायदे होना भी तय है। दरअसल, कई लोग अपने ड्राइविंग लाइसेंस का डुप्लीकेट बनवा लेते हैं। इसके गलत इस्तेमाल की भी आशंका रहती है। सरकार इसे रोकना चाहती है।

सही पहचान संभव होगी

सरकार का दावा है कि अगर ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से लिंक करा दिया जाएगा तो वाहन चालक की सही पहचान तय की जा सकेगी। उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति एक्सीडेंट के बाद घटनास्थल से भाग जाता है और फिर वो एक नया ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर लेते है तो लिंकिंग के बाद वो ऐसा नहीं कर पाएगा। दरअसल, जब ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक कर दिया जाएगा तो पुतलियों और आंखों के निशान यानी बॉयोमीट्रिक्स नहीं बदले जाएंगे। अगर कोई शख्स ऐसा करता है तो वो आसानी से पकड़ा जाएगा। यानी नाम तो बदला जा सकता है लेकिन पहचान नहीं। ऐसे में संबंधित विभाग दूसरे विभाग को चंद मिनट में ही ये बता पाएंगी कि कोई शख्स दूसरा ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहा है।

जुर्माना वसूलना होगा आसान

कई बार देखा जाता है कि अगर किसी वाहन चालक पर किए गए जुर्माने की राशि ज्यादा होती है तो वो या तो इसे भरता ही नहीं है और भरता भी है तो काफी वक्त बाद। कई बार तो जुर्माना भरने के बजाए नए ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए जाते हैं। आधार और ड्राइविंग लाइसेंस की लिंकिंग के बाद ऐसा करना संभव नहीं हो सकेगा। इसका सीधा फायदा सरकार को होगा।

कैसे कर सकते हैं लिंक (Aadhaar-driving licence linking)

अब सवाल ये है कि आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से कैसे लिंक (How to link Aadhaar-driving licence) करें। इसके दो आसान तरीके हैं। पहला तो यही कि आप संबंधित RTO ऑफिस जाएं और वहां से Aadhaar-driving licence linking कराएं। दूसरा तरीका है कि आप संबंधित विभाग की वेबसाइट पर जाएं। वहां लिंक आधार ऑप्शन को सिलेक्ट करें। यहां अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें। अब आपके सामने डीटेल्स होंगी। यहां अपना 12 अंकों वाला आधार नंबर दर्ज करें। इसके साथ ही आपको वो मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा जो रजिस्टर्ड है। इसके बाद सबमिट करें। कुछ ही देर में कन्फर्मेशन का मैसेज आपके फोन पर आ जाएगा।

हर रिकॉर्ड सरकार के पास

‘सारथी-4’ नाम के इस सॉफ्टवेयर के तैयार होने के बाद सभी लोगों को अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करवाना होगा। बीते दिनों सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी इस बारे में सूचना दी है। इस सॉफ्टवेयर में देशभर के ड्राइविंग लाइसेंस धारकों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस सिस्टम के लागू होने के बाद ड्राइवर की तरफ से किए गए ट्रैफिक उल्लंघन का भी पूरा रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर में होगा।

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