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विशेष

दिल्ली में बहू बल्ब निकाल लेती थी, ससुर ने गला रेता और खू न से ल थपथ थाने पहुंच गया

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दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक सन्न कर देने वाली ख़बर सामने आई है. यहां के चूना मंडी इलाके में बिजली के बिल को लेकर हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि ससुर ने चा कू से अपनी बहू का गला रेत दिया. एनबीटी की खबर के मुतबिक मृतका नीरज देवी अपने 10 साल के बेटे के साथ अपने सास-ससुर के घर रहती थी. नीरज का पति दर्शन अपने परिवार के साथ नहीं रहता था. दोनों के साथ तलाक का मामला तीस हजारी कोर्ट में चल रहा है. सास-ससुर बेटे के इस अलगाव का दोष मृतका नीरज को देते थे. और इसी बात पर नीरज से चिढ़ते भी थे. लेकिन ये चिढ़न-कुढ़न इस तरह से निकलेगी, ये किसी ने नहीं सोचा था.

पूरा मामला 

नीरज और सास-ससुर की बीच टकराव होता रहता था. लेकिन इस बार मामला हद से आगे बढ़ गया. बहाना बना बिजली का बिल. नीरज का ससुर भगत राम बिजली का बिल ज्यादा आने की शिकायत करता था. इस शाम जब बिजली के इस्तेमाल के लिए भगत राम ने टोका तो नीरज ने घर के सारे बल्ब ही निकाल लिए. वो ऐसा पहले भी कर चुकी थी. लेकिन इस बार बात ज्यादा बढ़ गई. सोमवार को जब झगड़ा हुआ तो ससुर ने चा कू से बहू का गला रेत दिया. ह त्या करने के बाद भगत राम पहाड़गंज थाने की संगतरासा चौकी में जा पहुंचा और अपना जु र्म कबूलते हुए जाकर सरेंडर कर दिया. पुलिस ने म र्डर का मुकदमा दर्ज कर ससुर को गिरफ्तार कर लिया. ह त्या में इस्तेमाल हुआ चा कू भी बरामद कर लिया गया है.

मृतका नीरज.

पुलिस ने इस मामले में पूछता की तो भगत राम ने आरोप लगाया कि बहू उनकी बुजुर्ग पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी. रात के वक्त किचन, बाथरूम और सीढ़ियों का बल्ब निकाल देती थी. हमें अंधेरे में रहना पड़ता था. जिस देर रात ये वारदात हुई, उस दिन भी नीरज ने यही किया था. भगत का कहना है कि इसी वजह से उसे गुस्सा आ गया. और बहू की ह त्या कर दी. भगत राम का कहना है कि नीरज पूरी प्रॉपटी को अपने नाम करवाने की जिद्द करती थी जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात भगत राम डिनर कर रहा था. बहू जिद करने लगी कि डिनर उसके साथ ही होगा. लेकिन भगत राम ने इनकार कर दिया. बहस शुरू हो गई. नीरज के हाथ में चा कू था. भगत राम ने चा कू खींचने की कोशिश की और इसी चक्कर में हा थापाई हो गई. गुस्से में आकर भगत राम ने नीरज का गला रेत दिया. नीरज के परिजनों ने भी बेटी को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

दर्शन और नीरज. ये शादी के समय की तस्वीर है.

शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बताया कि भगत राम के बेटे दर्शन की नीरज से 12 साल पहले शादी हुई थी. वर्ष 2012 के बाद दर्शन और नीरज के रिश्ते खराब होने लगे. अदालत ने दर्शन को पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया. नीरज अपने पति के खिलाफ घरेलू हिं सा की भी शिकायत कर चुकी थी.

ऐसे अपराध एक सेकेंड मे नहीं हो जाते. ये पुरानी खीझ का नतीजा होता है. इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ है. रोज़-रोज़ की खिझन से तंग आकर 65 साल के भगत राम ने ऐसा अपराध कर डाला कि अपनी ज़िंदगी के आखिरी कुछ साल उसे काल कोठरी में गुज़ारने होंगे. इस हालत में नीरज और सास-ससुर जितना एक दूसरे से खिन्न नज़र आ रहे हैं, ये कदम दोनों में से किसी की भी ओर से उठाया जा सकता था. इस केस में ससुर के सब्र का बांध टूटा. अब पूरे घर में बचे हैं तीन शख़्स, नीरज का पति दर्शन, जो घर से पहले ही अलग रहता है. इन दोनों का 10 साल का बेटा और नीरज की सास, जिसकी विकट स्थिति देखकर भगत राम ने बहू नीरज का क त्ल किया. अगर जैसा भगत राम ने पुलिस को बताया है वो सच है तो बहू ने बेशक ग़लत किया हो, ग़लत करती आ रही है, फिर भी क़ त्ल या किसी भी प्रकार की हिं सा को सही नहीं ठहराया जा सकता है. कानूनी प्रक्रिया के तहत कई और तरीके थे जो भगत राम को न्याय दिला सकते थे, काश ! भगत राम ने उन विकल्पों में से एक चुना होता, ना कि ये.

एक बात और, ये सब भगत राम की ओर से बताई गई कहानी है. इसके अलावा कुछ और भी कारण हो सकते हैं, कोई और व्यू पॉइंट हो सकता है. लेकिन वो बताने के लिए नीरज ज़िंदा नहीं है.

SOURCE AAJTAK

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