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दिल और सांस की बीमारी सहित 12 बीमारियों को ठीक करती है ब्रैंडी-पीने का सही तरीका पता होना चाहिए

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अक्सर लोग ठंड में ब्रांडी पीने की सलाह देते हैं। पर क्या ब्रांडी या श’राब पीना सही है। अगर हां, तो कितनी मात्रा में श’राब नशा नहीं दवा का काम करती है? इसी के बारे में हम आपको बताएंगे। 

जानकार बताते हैं कि ब्रांडी को वाइन से ही बनाया जाता है। जोकि इसमें एल्कोहल की मात्रा को बढ़ाकर एक खास रंग देता है। ज्यादा मात्रा में सेवन से नशा और हैंगओवर हो सकता है, जबकि सीमित मात्रा में पीने से यह फायदेमंद हो जाती है। सर्दियों में ज़ुकाम और खांसी से परेशान रहने वालों को ब्रांडी के हफ्ते में 2-2 पेग पीना चाहिए। ब्रांडी की सीरत गर्म होती है। इसलिए यह शरीर में गर्माहट पैदा करती है और शरीर के इम्यून सिस्टम को सर्दी-ज़ुकाम से लड़ने में सहायता करती है।

ब्रांडी पीने से दांतों के दर्द से ही राहत मिल सकती है। दांतों की ठीक से सफाई न होने पर कीड़े या सड़न हो जाती है। जिसे ब्रांडी से ठीक किया जा सकता है। ब्रांडी को रुई के पोहे में भिगोकर दांतों के बीच में दबाकर रखने से दांतों के दर्द में भी राहत मिलती है। ब्रांडी पीने से मुंह की दुर्गंध भी ठीक हो सकती है। ब्रांडी में मौजूद तत्व कीटाणुओं का खत्म कर देते हैं। कई डॉक्टर्स बच्चों के शरीर को सर्दियों में गर्म रखने के लिए ब्रांडी से मालिश करने की सलाह देते हैं।

ऐसा माना जाता है कि ए’ल्कोहल का सेवन करने से कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन ब्रांडी कैंसर को रोकने में मदद करता है। इसमें इलैगिक एसिड नामक आर्गेनिक केमिकल होता है जो कैंसर सेल्स खासतौर पर ब्लैडर और ओवेरी के कैंसर सेल्स के प्रसार को रोकता है क्योंकि ब्रांडी में मौजूद इलैगिक एसिड एक खास तरह के जींस को एक्टिवेट करता है जिससे कैंसर सेल्स का फैलाव नहीं हो पाता है।

दूसरे एल्कोहलिक प्रोडक्ट की तुलना में ब्रांडी में बहुत ही कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होते हैं। जिसके सेवन से मानव को भूख लगती है। बीयर आदि की तरह ब्रांडी कार्बोहाइड्रेट को सिंपल शुगर में नहीं तोड़ता है जोकि फैट के रूप में आपके शरीर में इकट्ठा होते हैं।

क्या कहती है रिसर्च –
वर्ष 2005 में मेडिकल प्रोफेशनलों के बीच एक अध्ययन हुआ। इसमें 32 हजार महिलाएं और 18 हजार पुरुष शामिल थे। इसमें यह जानने की कोशिश की गई कि शराब के सेवन का हार्ट अटैक के खतरे से और शरीर पर होने वाले असर से क्या संबंध है। जो लोग सप्ताह में तीन-चार बार, एक या दो पेग शराब पीते हैं, उनमें हार्ट अटैक की आशंका कम होती है।

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