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दुनिया की 5 बड़ी खबरें: नेपाल में चीन के खिलाफ प्रदर्शन और जानें कोरोना के बाद कैसी है वुहान की स्थिति?

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शी चिनफिंग ने 75वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 22 सितंबर को 75वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामान्य बहस में महत्वपूर्ण भाषण दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के सामने विभिन्न देशों को जनता की जान को प्रथम स्थान पर रखना और मिल-जुलकर काम करना चाहिये। मानव साझा नियति समुदाय और सहयोग व समान जीत का विचार रखकर विभिन्न देशों के विकास करने के रास्ते और मोड का सम्मान करना चाहिये। खुलेपन व सहनशीलता का विचार रखकर अविचल रूप से खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था का निर्माण करना चाहिए। साथ ही सृजन, समन्वय, हरित, खुलापन व साझा करना जैसे विकास के नये विचार रखकर महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के हरित पुनरुत्थान को मजबूत करना चाहिए। इनके अलावा बहुपक्षवाद के रास्ते पर कायम रहकर संयुक्त राष्ट्र संघ से केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिए। चीन लगातार शांतिपूर्ण विकास, खुलेपन से विकास, सहयोग से विकास, समान विकास के रास्त पर आगे बढ़ाएगा, और निरंतर रूप से विश्व शांति का निमार्ता, वैश्विक विकास का योगदानकर्ता, अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का रक्षक बनेगा। महामारी के मुकाबले के बारे में शी चिनफिंग ने ये सुझाव पेश किये कि हमें जनता की जान को प्रथम स्थान पर रखना चाहिये। सभी संसाधनों का प्रयोग कर वैज्ञानिक रूप से महामारी की रोकथाम करनी चाहिये। साथ ही विभिन्न देशों को मिल-जुलकर काम करना चाहिये, और विश्व स्वास्थ्य संगठन को महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी चाहिये। हमें महामारी की रोकथाम के लिये व्यापक कदम उठाना चाहिये, सुव्यवस्थित रूप से व्यापार, उत्पादन व पढ़ाई की बहाली करनी चाहिये।

नेपाल : अतिक्रमण के खिलाफ चीनी दूतावास के बाहर प्रदर्शन

नेपाल की राष्ट्रीय राजधानी काठमांडू में चीनी दूतावास के सामने बुधवार दोपहर को हुमला जिले के पश्चिमी-उत्तरी हिस्से में चीन द्वारा नेपाली क्षेत्र के अतिक्रमण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। युवाओं सहित कई प्रदर्शनकारियों ने अतिक्रमण के खिलाफ नारे लगाए और चीन से नेपाल के क्षेत्र को तुरंत छोड़ने और द्विपक्षीय सीमा संधि का सम्मान करने की मांग की।

कुछ युवा प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां थाम रखी थी, जिनमें चीन को वापस जाने के लिए कहा गया था।

बाद में, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया, जिन्होंने नेपाल और चीन के बीच दो सीमा बिंदुओं को फिर से खोलने की मांग भी की, जिन्हें 10 महीने पहले बंद कर दिया गया था।

ग्राउंड रिपोर्ट : कोरोना के बाद अब वुहान की स्थिति कैसी?

जब इस साल जनवरी में हुपेई प्रांत के वुहान शहर में लॉकडाउन लग गया था, तब यह शहर पूरी तरह से सुनसान हो गया था। सड़कों पर न तो लोग दिखाई देते थे और न ही गाड़ियां, बस हर तरफ सन्नाटा ही पसरा रहता था। लेकिन कोरोनावायरस के बाद वुहान शहर की स्थिति अब देश की राजधानी बीजिंग से भी ज्यादा सामान्य हो गई है। लोग ऑफिस जाने लगे हैं, और स्कूल, कॉलेज भी खुल चुके हैं। दरअसल, जब जून की शुरूआत में बीजिंग के एक मार्केट शिनफाती में कोरोना के मामले सामने आये थे, तब उसकी वजह से बीजिंग में एहतियात और नियम कड़े कर दिये गये थे, लेकिन वुहान में 76 दिनों के लॉकडाउन के बाद वहां अब तक घरेलू संक्रमण के कोई मामले नहीं आए हैं। वहां हजारों लोगों की भीड़, जो बिना मास्क लगाए उछल-कूद कर रही थी और म्यूजि़क फेस्टिवल का मजा ले रही थी, ने साफ संकेत दे दिया कि वुहान की स्थिति सामान्य हो गई है।

कराची हॉरर : दुष्कर्म के कथित आरोपी ने पीड़िता से की नौकरी की पेशकश

पाकिस्तान में 22 साल की एक युवती के कथित अपहरण और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म में शामिल तीन आरोपियों में से एक ने पीड़िता को नौकरी की जरूरत होने पर संपर्क करने के लिए एक ‘प्रभावशाली’ व्यक्ति का फोन नंबर दिया। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को पीड़िता के बयान के हवाले से दिया। जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि अपहृत युवती को वापस छोड़ते हुए कथित दुष्कर्म के आरोपी ने उसे एक मोबाइल फोन नंबर दिया और नौकरी की जरूरत पड़ने पर 30,000 रुपये महीने की नौकरी की पेशकश भी की।

पुलिस ने बुधवार को कहा कि मोबाइल नंबर की जांच पूरी हो गई है और संपर्क नंबर ‘एक प्रभावशाली व्यक्ति’ का है। हालांकि, जांच से पता चला कि इसका इस्तेमाल अपराध होने वाले स्थल पर नहीं किया गया था।

अधिकारियों ने कहा कि उस प्रभावशाली व्यक्ति की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों की भी जांच की गई, लेकिन घटना में उस व्यक्ति के शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि व्यक्ति के बच्चों के डेटा की भी जांच की जा रही है।

श्रीलंका सुनिश्चित करेगा कि कोई भी देश हिंद महासागर पर हावी न हो: राजपक्षे

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा है कि उनका देश हिंद महासागर में किसी भी देश को हावी होने देने के खिलाफ है।

मंगलवार को महासभा में रिकॉर्डेड भाषण में उन्होंने कहा, “हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से अहम जगह पर स्थित देश होने के कारण यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है कि हिंद महासागर के क्षेत्र में शांति बनाकर रखी जाए। वहां कोई भी देश किसी पर हावी न हो, न उसका फायदा उठाए। श्रीलंका तटस्थ विदेश नीति का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने कहा कि कई देशों के लिए आर्थिक तौर पर महत्वपूर्ण समुद्री लेन होने के कारण ‘शक्तिशाली देशों’ को हिंद महासागर की तटस्थता का समर्थन करना चाहिए और इसके कीमती समुद्री संसाधनों की रक्षा करनी चाहिए।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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