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पुलवामा हमला: इस पिता ने सड़क किनारे जूस और कपड़े बेचकर बनाया था बेटे को जवान

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं कई घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पूरा देश जहां इस घटना से गुस्से में हैं। वहीं घटना में अपनों को खोने वाले सरकार से पाकिस्तान को इसका करारा जवाब देने की मांग कर रहे हैं। वहीं बहुत से पिता ऐसे हैं जो अपने दूसरे बेटे को भी मां भारती की सेवा में बलिदान करने की इच्छा करते हैं।

बिहार के भागलपुर के रहने वाले रतन ठाकुर गुरुवार को हुए हमले में शहीद हो गए हैं। उनके पिता जहां अपने इकलौते बेटे को खोने से दुखी हैं वहीं उनका कहना है कि अगर मेरा दूसरा बेटा होता तो वह उसे भी सेना में भेज देते। उन्होंने कहा, ‘मैंने भारत माता की सेवा में अपने एक बेटे का बलिदान किया है। मैं लड़ने के लिए अपने दूसरे बेटे को भी भेज देता। वह भी भारत के लिए लड़ने के लिए तैयार हो जाता लेकिन पाकिस्तान को इसका माकूल जवाब मिलना चाहिए।’

रतन ठाकुर के पिता का कहना है कि बेटे को पढ़ाने के लिए उन्होंने मजदूरी की। सड़कों पर जूस बेचा और यहां तक कि ठेले लगाकर कपड़े तक बेचे। मगर अब सब खत्म हो गया। आतंकियों ने मेरे बेटे को मार दिया। साल 2011 में रतन सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। उसकी पहली पोस्टिंग गढ़वा में हुई थी। उसकी नौकरी के बाद घर की गरीबी धीरे-धीरे खत्म हो रही थी। लेकिन अब हम किसके सहारे जिएंगे। वहीं शहीद की पत्नी ने बताया कि डेढ़ बजे उनका फोन आया था और रात को फोन करने की बात कही थी। मैं उनके फोन का इंतजार कर रही थी। रात को हमें उनके शहीद होने की खबर मिली।

आतंकी हमलों में जो जवान शहीद हुए हैं वह देश के कोने-कोने से आकर भारत माता की सेवा कर रहे थे। कोई दो दिन पहले ही छुट्टी बिताकर लौटा था तो किसी ने घटना से कुछ मिनट पहले ही परिवारवालों को अपनी सलामती की बात बताई थी। कोई पत्नी से फोन पर जल्द घर आने की बात कर रहा था। तभी अचानक ऐसा हमला हुआ जिसने सबकुछ खत्म कर दिया। जिससे वह उम्मीद भी खत्म हो गई जो शहीदों के परिवारवालों की आंखों में बसी थीं।

आतंकियों की इस कायरतापूर्ण हरकत में अपनों को खो देने वाले लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्हें अपनों की शहादत पर गर्व है तो पाकिस्तान के प्रति गुस्सा भी है। उन्हें उस देश से नफरत है जिसने उनसे उनके प्रियजन को छीन लिया है। वह सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। वहीं लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री का कहना है कि आतंकियों ने बहुत बड़ी गलती की है। जिसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी।

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