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पोस्टमार्टम के दौरान शव के कपड़े उतार रहे थे डॉक्टर अचानक हुआ कुछ ऐसा शव छोड़कर भाग आए डॉक्टर

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पोस्टमार्टम के दौरान शव के कपड़े उतार रहे थे डॉक्टर अचानक हुआ कुछ ऐसा शव छोड़कर भाग आए डॉक्टर

पंजाब के जीरकपुर फ्लाईओवर के पास ओएसिस मैरिज पैलेस में काम करने वाले पीयून ने पैलेस के स्टोर में ही खुदकु’शी कर ली। श’व छत के पंखे पर ल टका मिला। मृतक की शिनाख्त 22 साल के कबीर राय के तौर पर हुई। मैरिज पैलेस में वह करीब दो साल से पीयून था। मामला उस समय हैरानी वाला हो गया, जब शनिवार को पो स्टमाॅर्टम हुआ।

यह सुनने के बाद पुलिस, पैलेस स्टाफ और घरवालों के रों गटे खड़े हो गए। कबीर ने जो सु साइड नोट लिखा, उसमें भी उसने खुद को लड़का बताया है। लिखा- वह अपनी प्रेमिका के चले जाने के कारण खु दकुशी कर रहा है। अब सवाल यह है कि वह जेंडर छुपाकर क्यों रह रही थी। इससे भी बड़ी है रानी है कि कबीर की छोटी बहन (20) भी आज तक उसे भाई ही मानती रही लेकिन वो लड़का नहीं लड़की थी। पो स्टमॉर्टम के बाद शनिवार को वह मानने को तैयार ही नहीं थी कि कबीर उसकी बहन है। जांच कर रहे एएसआई नाथी राम ने बताया कि जेंडर बदलकर क्यों रह रही थी, इसके पीछे कोई मजबूरी थी या कुछ और, इसकी जांच की जाएगी।

सु साइड नोट में लिखा – दिल्ली की प्रेमिका के स दमे में म’र रहा हूं : मौके से पुलिस को मिले खुदकु’शी नोट में कबीर ने लिखा कि उसकी एक लड़की दोस्त दिल्ली में रहती थी। उसने करीब 20 दिन पहले किसी कारण खु दकुशी कर ली। उसकी मौ’त के कारण वह सदमे में था, जिस कारण वह भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा है। उसकी अस्थियों का विसर्जन भी प्रेमिका वाले स्थान पर किया जाए।

बहन कह रही- कभी पता ही नहीं चला: कबीर की छोटी बहन चंडीगढ़ के एक स्कूल की बस में कंडक्टर है। पो स्टमार्टम कक्ष में मृतक भाई की सच्चाई दिखाने के लिए डॉक्टर ने बहन के सामने डेडबॉडी पर पड़ा कपड़ा हटाया। ताकि बहन पूरी तरह से यकीन कर ले कि वो उसका भाई नहीं, बहन थी। मृतक की बहन निर्मला राय के अनुसार- वह लड़का ही था और आम लोगों के साथ लड़कों की तरह ही व्यवहार करता था। लड़की होने पर उसे भी विश्वास नहीं हो रहा है।

मां-बाप छोड़कर चले गए थे: कबीर और उसकी बहन निर्मला राय को मां-बाप बहुत पहले छोड़कर चले गए थे। इसके बाद से कबीर दिल्ली में रह रही थी और निर्मला मौलीजागरां में। कबीर दो साल पहले ही यहां आई और लड़का बनकर पैलेस में नौकरी करने लगी।

तीन घंटे चला पोस्टमॉर्टम : शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल में लाया गया तो वहां एंट्री रजिस्टर में मेल लिखवाया गया। लेकिन जब पो स्टमाॅर्टम के दौरान शव को नि र्वस्त्र किया तो डॉक्टर्स समेत स्टाफ मृतक को फीमेल पाकर हैरान रह गया। पहले उन्हें लगा कि दस्तावेजों में गलती से फीमेल की जगह मेल लिखा गया होगा। इसके बाद पो स्टमॉर्टम छोड़कर पहले रजिस्टर और अन्य डॉक्यूमेंट चेक किए और पुलिस से बात की गई। पुलिस ने बताया कि मृतक की बहन ने भी यही कहा- म रने वाला उसका भाई था। मामला पेचीदा होने पर दो महिला डाॅक्टर्स पो स्टमाॅर्टम के लिए तैनात की गईं। डॉक्टर भाविका और डॉक्टर दीक्षी ने पो स्टमाॅर्टम किया। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि यह कोई से क्स चेंज का मामला नहीं है। मृतक के प्राइवेट पार्ट्स से लेकर यूटरस (बच्चेदानी) तक मौजूद रहने से स्पष्ट है कि उसका से क्स चेंज नहीं था, बल्कि वह कुदरती फीमेल थी।

हाव-भाव, चाल-ढाल सब लड़कों जैसी : पैलेस मालिक और स्टाफ ने बताया कि कबीर दो साल से यहां काम करता था। उसके हाव-भाव, बोल-चाल से कभी पता ही नहीं चला कि वह लड़की है। वे तो लड़के की तरह ही ट्रीट करते थे। वह पैलेस की पैंटरी में लड़कों की वेशभूषा व हेयरकट में रहता था।

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