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फिलेंडर का बोर्ड पर आरोप- बंद दरवाजे के पीछे हो रही हैं काफी चीजें, इसलिए लिया संन्यास

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दाएं हाथ के तेज गेंदबाज Vernon Philander ने कहा कि CSA में अगर गड़बड़ियां नहीं हो रही होती तो वह अभी संन्यास नहीं लेते।

जोहॉन्सबर्ग : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से हाल ही में संन्यास लेने वाले तेज गेंदबाज वार्नोन फिलेंडर (Vernon Philander) की मानें तो क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) में सबकुछ सही नहीं चल रहा है। इसी कारण शानदार फॉर्म में होने के बावजूद इस तेज गेंदबाज को क्रिकेट से अलविदा कहना पड़ा। 34 साल के इस खिलाड़ी ने बताया कि सीएसए में व्याप्त अस्थिरता ने के कारण उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया। बता दें कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम इन दिनों काफी बुरे दौर से गुजर रही है। पुराने दिग्गजों के संन्यास लेने के बाद पुनर्गठन के दौर से गुजर रही दक्षिण अफ्रीकी टीम का बुरा दौर काफी लंबा होता जा रहा है।

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सीएसए नहीं ले पा रहा है निर्णय

फिलेंडर ने देश की एक मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर आप एक समय बाद इस निर्णय पर पहुंचते हैं कि बस अब बहुत हो गया। सीएसए के पिछले प्रशासन ने सिर्फ अपना देखा। उन्होंने खिलाड़ियों की चिंता नहीं की। बता दें कि आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 से पहले एबी डिविलियर्स ने भी विश्व कप खेलने की इच्छा जताई थी, लेकिन इस मामले को ढुलमुल तरीके से हैंडल करने के कारण ही उनकी दक्षिण अफ्रीकी टीम में वापसी नहीं हो पाई थी। अब वह इसी साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी-20 विश्व कप में खेलना चाहते हैं, लेकिन टीम में उनकी वापसी टलती जा रही है।

कहा- प्रशासन में गड़बड़ियां न होती तो और क्रिकेट खेलता

फिलेंडर ने कहा कि उनके पक्ष में कई चीजें गलत चली गईं। इसके बाद उन्हें फैसला यह लेना पड़ा कि आगे जाने के लिए इस समय उनके लिए क्या बेहतर है। फिलेंडर ने कहा कि वह 34 साल के हैं। उनके पास क्रिकेट को देने के लिए समय है। अगर क्रिकेट प्रशासन में गड़बड़ियां नहीं होती तो वह और लंबा खेलते।

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मेरे और काइल के साथ ईमानदार नहीं थे

दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा कि उनके लिए पीछे मुड़कर देखना मुश्किल है। उन्होंने टीम के पूर्व कोच पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने खुले तौर पर कोच से कहा था कि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को खेलना चाहिए। कोच ने उनसे कहा भी था कि वह सर्वश्रेष्ठ हैं। इसके बावजूद कोच उनके और काइल के साथ पूरी तरह से ईमानदार नहीं थे। उन्होंने कहा कि बंद दरवाजों के पीछे काफी चीजें हो रही थीं।

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