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बाप के अंतिम संस्कार की हो रही थी तैयारी-बेटे ने किया महाकाल को याद और लौट आए पिता के प्राण

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 इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती खंडवा के एक बिजनेसमैन को डॉक्टरों ने मृत समझ लिया। दरअसल, वेंटीलेटर पर उनकी पल्स नजर नहीं आ रही थी। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए घरवाले उनकी बॉडी खंडवा ले जा रहे थे। रास्ते में ही थे बेटे ने महाकाल को याद किया और बिजनेसमैन की सांसें लौट आईं।

परिजनों ने फौरन ड्राइवर से कहा- गाड़ी घुमाओ और खेड़ीघाट स्थित श्री दादाजी हॉस्पिटल ले चलो। जहां डॉक्टरों ने उन्हें जीवित बताकर आईसीयू में भर्ती कर लिया। शाम होने तक उनके स्वास्थ्य में सुधार आने लगा। दोपहर तक जिस घर में मातम पसरा हुआ था, वहां एकदम से खुशियां लौट आईं। लंग्स में इंफेक्शन की शिकायत के बाद उद्योगपति अशोक अग्रवाल को इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वे यहां 15 दिन से भर्ती थे। दो दिन से वेंटीलेटर पर थे। बार-बार पल्स जा रही थी। शनिवार की सुबह पल्स जाने पर परिजन उन्हें मृत समझकर घर खंडवा ला रहे थे।

अशोक अग्रवाल अग्रसेन भवन समिति खंडवा के अध्यक्ष और खंडवा मंडी क्रेता विक्रेता संघ के अध्यक्ष तथा नयन एग्रो के संचालक हैं। उनके निधन की खबर मिलने पर परिजनों व मित्रों ने दोपहर तक एक-दूसरे को शवयात्रा की सूचना दे दी थी। तेजी से एक मैसेज फैला। जिसमें अंतिम यात्रा 13 जनवरी, रविवार प्रातः 10 बजे निवास स्थान शांति निकेतन कॉलोनी, इंदौर रोड से राजा हरिशचंद्र मुक्तिधाम जाने की बात लिखी गई। फिर शाम को दुआओं में असर बताते हुए पल्स लौटने की जानकारी दी गई।

बेटे की अपील : मेरे पिता का स्वास्थ्य ठीक है। सोशल मीडिया पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भ्रामक जानकारी भेजी जा रही है। मैं उन सभी से आग्रह करता हूं कि इस तरह की गलत अफवाह ना फैलाई जाए। – अमित अग्रवाल, अशोक अग्रवाल के बेटे।

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