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बाप ने FB पर लगा दी अपनी 17 साल की बेटी की बोली, इतने रुपए में हुई नीलाम

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दुनिया में मानवता का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हाल ही में सूडान मे इसकी बानगी देखने को मिली। जहां एक व्यक्ति ने अपनी 17 साल की नाबालिग बेटी की फेसबुक पर बोली लगाई है। हालांकि यह बोली शादी के नाम पर दुल्हन के रूप में लगाई गई है।

दुनिया भर में मानव तस्करी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मानव तस्करी का शिकार होने वालों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चियों की है। पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर 17 साल की एक किशोरी की ऑनलाइन नीलामी हुई, जो अब चर्चा में है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस किशोरी की नीलामी 500 गाय, तीन कार और 10 हजार डॉलर में हुई है। सूडान क्षेत्र में दुल्हन के लिए ये अब तक की सबसे बड़ी बोली लगी है। फेसबुक पर पेज बनाकर हुई ये अवैध नीलामी अब दुनिया भर में चर्चा में है।

बता दें, मामला दक्षिणी सूडान का है. यहां एक आदमी जिसकी आठ पत्नियां थीं, नीलामी जीती और लड़की के पिता को 500 गायें,तीन लक्जरी कारें, दो बाइकें, एक बोट, मोबाइल फोन्स और 10,000 डॉलर की नगदी दी.

अफ्रीकन फेमिनिज्म (अफ्रीका में महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्था) ने एक ट्वीट में कहा, ‘दक्षिणी सूडान की एक 17 साल की लड़की फेसबुक पर सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले एक व्यवसायी को शादी के लिए नवंबर में बेच दी गई. बोली लगाने वालों में पांच लोग शामिल हुए, जिसमें सूडान का एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी था.’

फिलिप्स अनयामंग एनगोंग नाम के मानवाधिकार वकील ने लड़की की नीलामी रोकने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा, ‘वायरल हुआ फेसबुक पोस्ट एक मनुष्य के बाल दुव्यर्वहार, तस्करी और नीलामी का सबसे पड़ा परीक्षण था.’

उन्होंने इसमें शामिल फेसबुक समेत सभी लोगों को जिम्मेदार ठहराने का आह्वान किया.

रिपोर्ट में कहा गया कि मानवाधिकार संगठन प्लान इंटरनेशनल दक्षिण सूडान ने लड़की की बोली लगाने के लिए सोशल मीडिया के प्रयोग की आलोचना की और इसे आधुनिक युग का दास-प्रथा करार दिया.

संगठन के दक्षिण सूडान के निदेशक जार्ज ओटिम ने कहा, ‘तकनीक का यह बर्बर उपयोग बीते दिनों की दास बाजार की याद दिलाता है. दुनिया की सबसे बड़े सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक लड़की को शादी के लिए आज के युग में बेच दिया गया, यह विश्वास से परे है.’

बताया जा रहा है फेसबुक पर हुई इस ऑनलाइन नीलामी में कुल पांच पुरुषों ने हिस्सा लिया था। इसमें एक उच्च सरकारी अधिकारी भी शामिल है। फेसबुक पर किशोरी की नीलामी का ये पोस्ट किसी बाहरी व्यक्ति ने डाला था, जो उसके परिवार से नहीं है। हालांकि किशोरी के परिवार को भी नीलामी की कीमत का लाभ दिया गया है। नीलामी के बाद ये शादी तीन नवंबर 2018 को दक्षिण सूडान के ईस्टर्न लेक्स में हुई थी। दक्षिण सूडान में दुल्हन के लिए दहेज देने की प्रथा बेहद जटिल है। अकाल के दौरान यहां मवेशियों की मौत होने पर ये कीमतें बढ़ जाती हैं। दुल्हन की कीमतों को लेकर भले ही लोगों में अलग-अलग विचार हों, लेकिन उसकी मां सहित ज्यादातर लोगों का मानना है कि इस तरह से लड़कियों की नीलामी की प्रथा सही नहीं है।

यूनिसेफ के वर्ष 2017 के डाटा के अनुसार दक्षिण सूडान में 52 फीसद लड़कियों की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है, जबकि नौ फीसद लड़कियों की शादी 15 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है। दक्षिण सूडान कोई अकेला ऐसा देश नहीं है जहां दुल्हन के लिए दहेज देना पड़ता है या कीमत चुकानी पड़ती है। जनसंख्या के हिसाब से सबसे ज्यादा बाल विवाह के प्रतिशत वाले देशों में भारत का स्थान 10वां है। वहीं सबसे ज्यादा बाल विवाह की संख्या में भारत पहले नंबर है। जनसंख्या औसत फीसद में पाकिस्तान कहीं शामिल नहीं है। बाल विवाह से प्रभावित जनसंख्या में भी पाकिस्तान की स्थिति भारत से बेहतर है। भारत जहां एक नंबर पर है, वहीं पाकिस्तान छठे पायदान पर है।

 

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