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ब्रिटेन: भारतीय मूल के वित्त मंत्री ऋषि सुनक अगले महीने पेश करेंगे बजट, लेकिन सामने है यह चुनौती

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लंदन। ब्रिटेन के नवनिर्वाचित कैबिनेट के नए वित्तमंत्री और नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनक ब्रेग्जिट के बाद देश का पहला बजट पेश करने की तैयारी में हैं। अगले महीने पेश होने वाले बजट से पहले भारतीय मूल के ब्रिटिश वित्त मंत्री को कई अहम सुझाव भी दिए जा रहे हैं। बुधवार को एक थिंक टैंक ने कहा कि ऋषि सुनक को नए बजट से पहले ब्रिटेन के राजकोषीय नियमों को दोबारा लिखने से बचना चाहिए।

11 मार्च को नया बजट पेश कर सकते हैं ऋषि सुनक

ब्रिटिश वित्त मंत्री ऋषि सुनक 11 मार्च को नया बजट पेश कर सकते हैं। इससे पहले इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल स्टडीज (IFS) ने एक बयान में कहा कि,’उन्हें यह स्पष्ट समझना चाहिए कि किसी भी खर्च में वृद्धि करने से टैक्स में बढ़ोतरी करनी होगी।’ बयान में आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के चुनावी मेनिफेस्टो में जिस तरह कर्ज लेने का जिक्र था, उसके लिए सरकार को राजकोषिय नियमों का उल्लंघन करना होगा। हालांकि, सरकार ने इसकी घोषणा करते वक्त बजट में घोषित किए जाने वाले किसी भी अतिरिक्त खर्च को ध्यान में नहीं रखा गया था।

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टैक्स बढ़ाएं या करें राजकोषीय नियमों का उल्लंघन

सुनक के नए बजट में खर्च में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए IFS ने यह बयान जारी किया है। IFS ने कहा, ‘दिन-प्रतिदिन के खर्चों में कटौती से बचने के लिए या तो वित्त मंत्री को टैक्स बढ़ाने होंगे या राजकोषीय नियमों का उल्लंघन करना पड़ेगा।’

IFS डायरेक्टर ने जताई चिंता

IFS के डायरेक्टर पॉल जॉनसन ने कहा,’हमारे पास पहले ही एक दशक में 16 वित्तीय लक्ष्य हैं … सुनक को अब किसी अन्य की घोषणा करने से बचना चाहिए। इसके बजाय उन्हें यह मानना चाहिए कि अधिक खर्च के लिए अधिक टैक्स की आवश्यकता होगी।’ IFS के अलावा एक अन्य इंस्टीट्यूट ने भी इसी बात पर जोर दिया कि खर्च में बढ़ोतरी के लिए टैक्स बढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी।

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कंजर्वेटिव पार्टी का प्रस्तावित प्लान

गौरतलब है कि गवर्निंग कंजर्वेटिव पार्टी द्वारा प्रस्तावित सबसे हालिया राजकोषीय नियमों के तहत, दिन-प्रतिदिन के खर्च को तीन साल के भीतर उधार लेने के लिए वित्त पोषण नहीं किया दिया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र का शुद्ध निवेश जीडीपी के 3% से अधिक नहीं होगा, और ऋण ब्याज भुगतान के राजस्व के 6% तक पहुंचने पर खर्च करने की योजना की समीक्षा की जाएगी। इस महीने की शुरुआत में जब पीएम कार्यालय से पूछा गया कि क्या वह वाकई इस नियम को लागू करने की तैयारी में हैं, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

सुनक के पहले वित्त मंत्री रहे साजिद जाविद पहले से ही खर्च पर एक दशक के कड़े नियंत्रण के बाद सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कैबिनेट फेरबदल के बीच अचानक ही इस्तीफा दे दिया।

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