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मोदी सरकार के लिए अपने शहर या गांव में खोलिए मेडिकल स्टोर…हर महीने होगी 80 हजार की कमाई

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नए साल में औषधि के क्षेत्र में उद्यमी बनने का मौका सरकार दे रही है। अगले 31 मार्च तक सरकार को जन औषधि के नए 478 केंद्र खोलने हैं और इस काम के लिए सरकार की तरफ से सहायता राशि भी दी जाती है। जन औषधि केंद्र खोलने के काम ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (बीपीपीआई) की देखरेख में किया जाता है जो कि डिपार्टमेंट ऑफ फार्मा के अधीनस्थ एक सोसायटी है।

बीपीपीआई द्वारा केंद्र खोलने वाले उद्यमियों को 2.5 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है जो विक्रय आधारित है तथा प्रतिमाह अधिकतम 10,000 रुपए तक सीमित है। इसके अलावा व्यापार मार्जिन 20 फीसदी है ताकि यह एक आकर्षक व्यापार बन सके।  इससे आप हर महीने 80 हजार तक का मुनाफा कमा सकते हैं।

परियोजना से जुड़े मुख्य कार्यपालक अधिकारी सचिन कुमार सिंह के मुताबिक 4 दिसंबर, 2018 तक जन औषधि केंद्र की संख्या 4522 हो चुकी है और 31 मार्च, 2019 तक 5000 केंद्र खोलना एवं देश के हर जिले तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यानी कि अगले तीन महीने में 478 नए केंद्र खोले जाएंगे। बीपीपीआई जन औषधि केंद्र के सुगम संचालन के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर भी प्रदान करता है।

कोई भी व्यक्ति, एनजीओ या फर्म जिसके पास 120 वर्ग फुट की दुकान तथा एक फार्मासिस्ट हो, वह जन औषधि केंद्र खोल सकता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है तथा विस्तृत जानकारी के लिए janaushadhi.gov.in वेबसाइट पर जा सकते हैं। वर्ष 2015 में जन औषधि केंद्रों की संख्या सिर्फ 99 थी जो 4 दिसंबर, 2018 तक 4522 हो गई। प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के टर्नओवर में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वित्त वर्ष 2015-6 में यह टर्न ओवर सिर्फ 12.16 करोड़ रुपए का था जो वित्त वर्ष 2018-19 में अप्रैल से लेकर 4 दिसंबर तक 177.76 करोड़ के स्तर को छू चुका था।

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