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मोदी सरकार बदल रही है ये नियम, 1 फ़रवरी से बदलने वाले 8 नियम जानें…

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फरवरी महीना आपके लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि फरवरी में बजट आएगा. माना जा रहा है कि बजट में किसानों और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बड़ी घोषणाएं हो सकती है. हालांकि, इस बार अंतरिम बजट पेश होगा. इसके अलावा तीन सरकारी बैंक में मिनिमम बैंलेंस का नियम बदल जाएगा. टीवी देखने का नया नियम लागू होगा…आइए जानें और क्या बदलेगा…

1. टीवी देखने का नया नियम

एक फरवरी से देश में टीवी देखने के नियम बदल जाएंगे. इसके तहत, ग्राहक सिर्फ अपने पसंदीदा टीवी चैनल देख सकेंगे और उन्हें सिर्फ उसी चैनल के पैसे देने होंगे. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सभी कंपनियों को इसके लिए 31 जनवरी 2019 तक का समय दिया है. ग्राहकों को 31 जनवरी से पहले स्पेशल पैक सिलेक्ट करना होगा. ऐसा नहीं करने पर कंपनी बेसिक पैक एक्टिवेट कर देगी.

बेसिक पैक के लिए ग्राहकों को 130 रुपये के साथ जीएसटी देना होगा. 18 फीसदी जीएसटी जुड़ने पर इस पैक के लिए ग्राहकों को 150 रुपये देने होंगे, जिसमें आपको 100 फ्री चैनल दिखाए जाएंगे. ग्राहकों को अपना मनपसंद चैनल चुनने में मदद करने के लिए अब ट्राई भी एक ऐप्लिकेशन लेकर आया है.

2. सरकारी बैंक में मिनिमम बैंलेंस का नियम

बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने बचत खाते पर मिनिमम तिमाही एवरेज बैलेंस की सीमा को बढ़ा दिया है। नया नियम 1 फरवरी 2019 से लागू होगा. बैंक ने एसएमएस भेजकर ग्राहकों को इस बारे में जानकारी दी है.

शहरी ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है. अर्द्ध-शहरी ब्रांच के लिए मिनिमम बैलेंस 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है. ग्राहक अगर अपने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो उन्हें जुर्माना देना होगा. आपको बता दें कि सरकार ने बीओबी में देना बैंक और विजया बैंक का विलय करने का फैसला किया है. विलय के बाद यह एसबीआई के बाद दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक हो जाएगा.

बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्रामीण इलाकों के ब्रांच के लिए राहत की खबर है. ग्रामीण इलाके में न्यूनतम बैलेंस की रकम में कोई बदलाव नहीं किया गया है बैंक ने ट्विटर पर इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है, 1 फरवरी 2019 से बड़ौदा एडवांटेज बचत खाते में अकाउंट में मिनिमम तिमाही एवरेज बैलेंस में बदलाव होगा. अगर शहरी और मेट्रो ब्रांच के ग्राहक मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो उनसे पेनाल्टी के रूप में 200 रुपये चार्ज किए जाएंगे. अर्द्ध-शहरी शाखाओं के लिए यह जुर्माने की राशि 100 रुपये होगी.

3. सवर्ण आरक्षण

केंद्र से संबंधित सरकारी कंपनियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए 10% आरक्षण 1 फरवरी से लागू हो जाएगा. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (डीपीई) ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं. आदेश के मुताबिक सरकारी कंपनियों को हर 15 दिन में यह रिपोर्ट भी देनी होगी कि एसी, एसटी, ओबीसी, आर्थिक रूप से पिछड़े और अनारक्षित श्रेणी के कितने पद भरे गए.

4. ड्राइविंग लाइसेंस

अब सरकार का ताजा कदम ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड की लिंकिंग (Aadhaar card and DL) है। हम यहां आपको बता रहे हैं कि सरकार यह कदम क्यों उठाने जा रही है और इससे क्या फायदा होगा।

1.डुप्लीकेशन से बचाव होगा

2.सही पहचान संभव होगी

3.जुर्माना वसूलना होगा आसान

4.हर रिकॉर्ड सरकार के पास

5. ऑनलाइन वॉलेट

आजकल ज्यादातर लोग डिजिटल लेन-देन करना पसंद करते हैं। इसके लिए ई-वॉलेट्स का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। ई-वॉलेट में पैसे लोड कर यूजर्स इसका इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट के लिए करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस ई-वॉलेट पर पेमेंट्स के लिए इतना निर्भर हैं वो 28 फरवरी के बाद बंद हो सकता है। हालांकि, इसका एक कारण है। अगर आपने अपने ई-वॉलेट का KYC नहीं कराया है तो वो 28 फरवरी के बाद बंद हो सकता है।

6. आईटीआर फाइल करना

यदि आपने अभी तक वित्तीय वर्ष 2017-2018 का आरटीआई फाइल नहीं किया है, तो अब आपके पास बहुत कम समय बचा है। इसलिए आप जल्दी से ही फाइल कर दें, वरना आपको नुकसान होगा। इसके लिए निर्धारित सीमा 31 मार्च, 2019 रखी गई है, उसके बाद आपको भारी नुकसान हो सकता है।

7. आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक

आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करने की आज आख़िरी तारीख़ है और अगर आपने अभी तक अापने दोनों कार्ड लिंक नहीं किए हैं, तो जल्दी कीजिए।

इनकम टैक्स फाइल करने के लिए अब पैन कार्ड के साथ आधार नंबर जोड़ना अनिवार्य हो गया है। अगर आप यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह कैसे संभव है तो आप सही जगह आए हैं। अच्छी बात यह है कि पूरी प्रक्रिया बेहद ही आसान है। इनकम टैक्स फॉर्म के साथ आधार नंबर जोड़ने का विकल्प पिछले कुछ सालों से मौज़ूद रहा है। लेकिन सरकार ने इस साल PAN Card के साथ Aadhaar को लिंक करना अनिवार्य करने का फैसला किया।

8.ऑफर और डिस्काउंट

ईकॉमर्स मार्केटप्लेस पर भारत सरकार के नए नियमों से ऐमजॉन इंडिया और फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनियों के लिए ज्यादा डिस्काउंट और कैशबैक देना असंभव सा हो जाएगा। 1 फरवरी 2019 से लागू होने वाले नियमों के चलते ऐसा मुख्य तौर पर सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में होने वाले बड़े बदलावों के कारण होगा

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