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यमुना एक्सप्रेसवे या ‘मौत का राजमार्ग’, अब तक 8000 से ज्यादा मौतें

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यमुना एक्सप्रेस को लेकर सरकारों द्वारा कई वादे कर गए हैं और इस पर लड़ाकू विमान उतारने की बात भी कही गई है वहीं एक्सप्रेसवे एक खूनी राजमार्ग के रूप में तब्दील होता हुआ नजर आ रहा है राज मार के उद्घाटन की तारीख का बता दें कि 9 अगस्त 2012 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक एक्सप्रेस वे पर करीब 5000 से भी ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में 8,191लोगों की जिंदगियां खत्म हो चुकी है.

 

वही आपको बता दे कि सोमवार को ही इस राज्य मार्ग पर एक भीषण दुर्घटना में 29 लोगों की मौत हुई है और 22 लोग जख्मी हो गए हैं.

आपको बता दें कि अब तक 5000 एक्सीडेंट गैर सरकारी संगठन से फ्लाइट फाउंडेशन द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से एक आरटीआई आवेदन के जरिए हासिल जानकारी के मुताबिक राजमार्ग के चालू होने के समय से जनवरी 2018 तक इसे घड़ी में कुल 5000 दुर्घटनाओं में 703 भीषण दुर्घटना है और इसमें करीब 2000 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

आपको बता दें कि संस्था द्वारा बताया गया है कि यमुना एक्सप्रेस वे पर वर्ष 2012 में 9 अगस्त से लेकर साल के अंत तक कुल करीब 275 घटनाएं दर्ज करी गई है जिसमें 424 लोगों की जान गई है और 33 लोग गंभीर रूप से घायल है वहीं करीब 90 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 304 लोगों को हल्की चोटें आई है.

वहीं इसी तरीके से 2013 मिस राजमार्ग पर कॉल करीब 900 घटनाएं घटी जिसमें से 1470 लोग काल के गाल में समा गए और करीब 118 लोग अति गंभीर रूप से घायल हुए हैं वहीं 355 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.

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