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भोजन

यहां 60 रु. में मिलता है भरपेट खाना; जितना मन हो उतना खाएं…लेकिन दुकानदार ने रखी है एक शर्त

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ग्राहकों के लिए लोग कई तरह के ऑफर निकालते हैं। लेकिन एक ऐसा भोजनालय है जहां 60 रुपए में भरपेट खाना तो मिलेगा पर इसकी शर्त थोड़ी अलग है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां खाने की थाली में अगर कुछ छोड़ा तो फाइन दो और नहीं तो उस खाने को पूरा खाओ।

जितना खाओ, उतना लो

रायपुर में स्टेशन रोड स्थित है मालिक हरीश धर्मावत का शुद्ध शाकाहारी गजानंद भोजनालय। जो कि लगभग 35 साल पुराना है। इसे इन्होंने बड़े भाई देवीलाल धर्मावत के साथ मिलकर स्टेशन रोड की एक गली के अंदर चालू किया था।
बड़े भाई देवीलाल अब इस दुनिया में अब नहीं रहे, लेकिन उनके बेटे दिनेश धर्मावत अपने चाचा हरीश के साथ ये भोजनालय चला रहे हैं।


यहां का नियम है कि आपको जितना खाना है उतना लें, नहीं तो थाली में छोड़ने पर हर्जाने के रूप में 10 रुपए भरने पड़ेंगे। साथ ही थाली में छोड़ा खाना भी खाना पड़ेगा। चाहे आपने हाथ ही क्यों न धो लिए हों।
हालांकि इस मामले में कोई जबरदस्ती नहीं की जाती। आपने गलती से खाना छोड़ है या भूख मिट चुकी है तो बचे जूठे खाने को जुर्माना लेकर जानवरों के लिए अलग रख दिया जाता है। – हरीश खाना परोसते समय ग्राहक को इस नियम के बारे में पहले ही बता देते हैं। इस भोजनालय में कई ग्राहक ऐसे हैं, जो सालों से खाना खाने के लिए आ रहे हैं।


यहां 60 रुपए में भरपेट खाना मिलता है, जिसमें दाल, चावल, सब्जी, रोटी, पापड़, नींबू, अचार होता है। कई बार लोगों को यहां खाने के लिए इंतजार में बैठना पड़ता है।

बचा खाना गरीबों में बांटा जाता है

हरीश बताते हैं कि लोग उनकी भावना को समझते हैं और पूरा सहयोग करते हैं, ताकि खाना व्यर्थ न जाए। वहीं भोजनालय में बचे हुए खाने को रात के समय स्टेशन में जाकर गरीबों में बांट दिया जाता।

ओडिशा के कारीगर देते हैं लजीज स्वाद

भोजनालय में ओडिशा के रसोइया खाना बनाते हैं। उनके हाथ का खाना खाने वालों की भीड़ लगी रहती है। लगभग 15 से 20 साल पुराने रसोइया सुरेश यादव के हाथ का खाना लोगों को काफी पसंद है। वहीं पुन्नू यादव भी ओडिशा के ही हैं।

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