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रूस में पुतिन का एक और विरोधी जिंदगी और मौत के बीच लटका, जहर दिए जाने के बाद आईसीयू में भर्ती

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रूस के प्रमुख विपक्षी नेता और राष्टपति पुतीन के कट्टर विरोधी अलेक्सी नावाल्नी को गंभीर हालत में गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी प्रवक्ता कीरा यारमिश का कहना है कि नावालनी बेहोश हैं और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। उन्होंने बताया कि नावाल्नी साइबेरियन शहर तोमस्क से फ्लाइट लेकर मॉस्को जा रहे थे कि रास्ते में अचानक उनकी तबियत खराब होने लगी। हालत बिगड़ने पर विमान की ओमस्क में इमरजेंसी लैंडिंग हुई और नावाल्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रवक्ता कीरा यारमिश ने कहा, “हम सझते हैं कि उन्हें चाय में कुछ मिलाकर दिया गया है, जो संभवतः जहर है। क्योंकि नावाल्नी ने सुबह से चाय के अलावा कुछ भी खाया-पिया नहीं है।” बाद में उन्होंने ट्वीट कर बताया कि नावाल्नी अब भी बेहोश हैं और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को अस्पताल में बुलाया गया है।

वहीं समाचार एजेंसी तास ने डॉक्टर के हवाले से खबर दी है कि नावाल्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। इस बीच ओमस्क में नावाल्नी के समर्थकों ने एक फुटेज जारी की है, जिसमें उन्हें विमान से उतारने के बाद स्ट्रेचर पर रखकर अस्पताल ले जाया जा रहा है। हालांकि, इस फुटेज की पुष्टि नहीं की जा सकती है। उधर ओमस्क के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नावाल्नी के अस्पताल में होने की पुष्टि की है।

दूसरी तरफ, नावाल्नी को चाय में जहर दिए जाने की चर्चाओं पर तोमस्क एयरपोर्ट के दूसरे फ्लोर पर स्थित कॉफी शॉप के प्रबंधन ने इंटरफेक्स समाचार एजेंसी को बताया है कि उन्होंने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। कॉफी हाउस के निदेशक और मालिक ने कहा, “हम सभी परिस्थितियों की छानबीन कर रहे हैं। हम सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल करेंगे।”

बता दें कि 44 साल के नावाल्नी इस समय रूस में पुतिन के सबसे कट्टर आलोचक माने जाते हैं और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम चला रहे हैं। वह 2018 के राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन को टक्कर भी देना चाहते थे, लेकिन उन्हें चुनाव में हिस्सा नहीं लेने दिया गया। रूस में अन्य विपक्षी नेताओं की तरह नावाल्नी को भी अकसर अधिकारी हिरासत में लेते रहे हैं और परेशान करते हैं। साल 2017 में कुछ लोगों ने उनके चेहरे पर एंटीसेप्टिक डाल दिया था, जिससे उनकी एक आंख को नुकसान हुआ था।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में रूस की राजनीति में बार-बार जहर दिए जाने के मामले सामने आए हैं। कई बार ऐसे हमलों के जरिए राष्ट्रपति पुतिन के विरोधियों को ही निशाना बनाया गया है। पिछले साल नावाल्नी ने दावा किया था कि प्रदर्शनों के बाद जब उन्हें जेल में डाला गया तो वहां उन्हें जहर दिया गया था। मध्य मॉस्को में प्रदर्शनों के बाद नावाल्नी को एक हजार लोगों के साथ हिरासत में लिया गया था। लेकिन आंखों में दर्द और त्वचा के रंग में हुए बदलावों को देखते हुए उन्हें एक दिन बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

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