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वो गांव, जहां पिता और भाई कराते हैं लड़कियों से

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वेश्याओं का गांव – हमारे देश में आज भी लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव किया जाता है बावजूद इसके अधिकांश माता-पिता ऐसे भी हैं जो अपनी बेटी को पढ़ाते-लिखाते हैं और उसे अच्छे संस्कार देते हैं ताकि शादी के बाद वो जिस घर में जाए  वहां अपने माता-पिता का नाम रोशन करे.

बेशक आज के इस दौर में लड़कियां किसी भी मामले में लड़कों से पीछे नहीं हैं.

एक ओर देश का एक तबका लड़कियों को पढ़ाने-लिखाने और पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की वकालत करता है तो वहीं हमारे देश मे एक ऐसा तबका भी है जहां लड़कियों को पढ़ाना लिखाना तो दूर उनके पिता और भाई उन्हें जिस्मफरोशी के दलदल में ढ़केलने को मजबूर हैं.

हालांकि देश में लड़कियों से जिस्मफरोशी का धंधा करवाना पूरी तरह से गैर कानूनी है फिर भी देश के कई इलाकों में लड़कियों से जबरन देहव्यापार कराने की खबरें आए दिन सुनने को मिलती ही रहती हैं.

इन सबसे हटकर आज हम आपको भारत एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पैदा होनेवाली हर लड़की वेश्या बनने पर मजबूर हो जाती है और उन्हें ऐसा करने के लिए उनके पिता और भाई ही मजबूर करते हैं.

गुजरात का वाडिया गांव है वेश्याओं का गांव

वैसे तो देश के तमाम बड़े शहरों में सैक्स रैकेट धडल्ले से चलाए जा रहे हैं और इस सेक्स रैकेट के जाल में ग्लैमर की दुनिया से जुड़ी लड़कियां भी फंसी हुई हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि गुजरात में स्थित वाडिया नाम का एक गांव अपने आप में बेहद अनोखा है.

दरअसल इस गांव के हर घर में रहनेवाली लड़की एक वेश्या है और उसे ना चाहते हुए भी अपने जिस्म का सौदा करना पड़ता है. बताया जाता है कि इस गांव की लड़कियों को उनके भाई और पिता ही वेश्या बनने पर मजबूर करते हैं और वो खुद उनके जिस्म का सौदा भी करते हैं.

वेश्याओं का गांव जहाँ हर लड़की बेचती है अपना जिस्म

गुजरात के इस गांव में आपको एक भी ऐसी लड़की या महिला नहीं मिलेगी जो अपने जिस्म का सौदा ना करती हो. क्योंकि इस गांव में हर लड़की अपना जिस्म बेचती है. बताया जाता है कि गरीबी और मजबूरी के चलते इन लड़कियों के भाई और पिता उन्हें जिस्म फरोशी के इस दलदल में ढकेलते हैं ताकि दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो सके.

इस गांव में लड़कियां ना सिर्फ अपना जिस्म बेचती हैं बल्कि यहां की जिस्म बेचनेवाली अधिकांश लड़कियां 12 साल तक की उम्र में मां भी बन जाती हैं. यहां 12 साल की उम्र में लड़कियों का मां बनना बेहद ही आम बात है.

इस गांव को लेकर हैरान करनेवाली बात यहीं पर खत्म नहीं होती है क्योंकि ये गांव इतना ज्यादा मशहूर है कि गूगल पर गुजरात प्रोस्टीट्यूट विलेज लिखकर सर्च करने पर इस गांव और यहां पर होनेवाली वेश्यावृत्ति से जुड़ी तमाम जानकारी आसानी से मिल जाती है.

बहरहाल वेश्याओं का गांव – यहां रहनेवाली लड़कियां शौक से नहीं बल्कि घर की खराब आर्थिक स्थिति के चलते अपना जिस्म बेचती हैं लेकिन ये बेचारी और करें भी तो क्या, क्योंकि गंदा है पर जिस्म बेचना ही इनका धंधा है.

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