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वो भारतीय सैनिक जो इंदिरा गांधी को बुलाता था स्वीटी, अपने 1000 रुपए की एवज़ में आधा पाकिस्तान ले लिया था

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1971 की जंग में पाकिस्तान को हराने और नया मुल्क बांग्लादेश बनाने का पूरा श्रेय सिर्फ एक ही शख्स को जाता है।

वो हैं फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। ये भारतीय सेना के इस लीडर की ही ताकत थी, जिसने जंग खत्म होने के बाद पाकिस्तान के 90 हजार सैनिकों को बंदी बना लिया था।

उनकी शरारतों और मजाक के कई किस्से आज भी बेहद मशहूर हैं। वो भारत के एक ऐसे आर्मी चीफ थे

जो उस समय की तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की बात काटने से भी नहीं डरते थे। इतना ही नहीं, वो इंदिरा गांधी को स्वीटी तक कह डालते थे।

एक मोटरसाइकिल के बदले ले लिया आधा पाकिस्तान…

– सैम मानेकशॉ का पाकिस्तानी राष्ट्रपति से भी जुड़ा एक किस्सा काफी मशहूर हैं।

दरअसल, मानेकशॉ और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति याह्या खान एक साथ फौज में थे और दोस्त हुआ करते थे।

– उस समय मानेकशॉ के पास एक यूएस मेड मोटरसाइकिल हुआ करती थी। देश का बंटवारा हुआ तो याह्या खान पाकिस्तान फौज में चले गए। वहीं, मानेकशॉ भारत में रहे।

– लेकिन याह्या खान ने जाते-जाते मानेकशॉ से ये अमेरिकी मोटरसाइकिल 1000 रुपए में खरीद ली। लेकिन पैसे नहीं चुकाए।

समय बीतता गया। मानेकशॉ भारत के आर्मी चीफ बने तो पाकिस्तान में याह्या खान ने सरकार का तख्तापलट कर राष्ट्रपति बन गए।

– 1971 की जंग में पाकिस्तान के सरेंडर करने के बाद मानेकशॉ ने कहा था कि याह्या ने आधे देश के बदले में उनकी मोटरसाइकिल का दाम चुका दिया।

इंदिरा गांधी का विरोध करने में सबसे आगे

– फील्ड मार्शल मानेकशॉ ने एक बार इंटरव्यू में बताया था कि इंदिरा गांधी पूर्वी पाकिस्तान के हालात को लेकर काफी परेशान थीं।

सबसे बड़ी समस्या पूर्वी पाकिस्तान से भारत आ रहे शरणार्थी थे। मानेकशॉ ने बताया कि 27 अप्रैल को इंदिरा ने आपात बैठक बुलाई और लोगों को अपनी परेशान बताई। इस मीटिंग में मानेकशॉ भी बैठे थे।

– इंदिरा ने पूर्वी पाकिस्तान में इंडियन आर्मी को दखल देने की बात कही तो, मानेकशॉ ने तुरंत इसका विरोध कर दिया।

उन्होंने साफ कहा कि इसके लिए उनकी आर्मी तैयार नहीं है। जंग हुई तो देश को बहुत नुकसान होगा।

हमें तैयारी का मौका दें, जब जंग करनी होगी, वह बता देंगे। मानेकशॉ के ऐसे तीखे तेवर देखकर इंदिरा गांधी चुप हो गईं।

इंदिरा गांधी को स्वीटी कहने की हिमाकत

– मानेकशॉ और इंदिरा गांधी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से कई किताबों में शामिल किए गए हैं। उन्हीं में से एक किस्सा स्वीटी भी है।

एक तरफ जब इंदिरा गांधी के सामने लोग कुछ भी कहने से डरते थे, आर्मी चीफ मानेकशॉ उन्हें स्वीटी कहकर बुलाते थे।

– 1971 में जंग के लिए जब एक बार फिर इंदिरा ने अपने आर्मी चीफ से पूछा तो मानेकशॉ ने कहा कि मैं हमेशा तैयार हूं स्वीटी।

इंदिरा गांधी जानती थीं कि मानेकशॉ जैसे लीडर की दम पर ही वो पूर्वी पाकिस्तान में जंग जीत सकती हैं। इसलिए वो उनके सारे नखरे सहती थीं।

जब भारत में उड़ी तख्तापलट की अफवाह

– इंदिरा गांधी अपनी लीडरशिप, पॉलिटिक्स और ब्यूरोक्रेसी के कंट्रोल को लेकर हमेशा सतर्क रहती थीं।

एक बार अफवाह फैली कि मानेकशॉ आर्मी की मदद से सरकार का तख्तापलट करने की फिराक में हैं। इससे इंदिरा काफी डर गई थीं।

– उन्होंने मानेकशॉ को मीटिंग पर बुलाया और इस बारे में सवाल किए तो आर्मी चीफ ने कड़क अंदाज में इंदिरा को जवाब दिया।

उन्होंने कहा- मेरी और आपकी दोनों की नाक बड़ी लंबी है। मगर मैं दूसरे के काम में अपनी नाक नहीं अड़ाता। इसलिए आप भी मेरे काम में नाक न डालें।

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