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शमी उतरे बुमराह के बचाव में, कहा- जसप्रीत की योग्यता पर नहीं उठा सकता कोई सवाल

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चोट से वापसी करने के बाद से Jasprit Bumrah अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए Mohammed Shami ने बात की।

हैमिलटन : चोट के कारण लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का प्रदर्शन पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज और उसके बाद न्यूजीलैंड दौरे पर अभी तक खेले गए पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय तथा तीन वनडे मैचों में सामान्य से भी खराब रहा है। उनके प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मौके पर उनकी बचाव में शानदार फॉर्म में चल रहे टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) आए हैं। उन्होंने बुमराह की आलोचना करने वाले प्रशंसकों और आलोचकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दो-तीन मैच में खराब प्रदर्शन को लेकर कोई बुमराह की काबिलियत पर सवाल कैसे उठा सकता है।

बुमराह पिछले चार वनडे में नहीं ले पाए हैं एक भी विकेट

चोट से वापसी करने के बाद जसप्रीत बुमराह का वनडे मैचों में प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। वह पिछले चार मैचों में एक भी विकेट नहीं ले पाए हैं तो वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी वह अपनी ख्याति के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। हालांकि उन्होंने पिछले पांच टी-20 मैचों में विकेट तो जरूर छह लिए, लेकिन रन रोकने में ज्यादा कामयाब नहीं हो पाए हैं। इसी पर मोहम्मद शमी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ दो-तीन खराब मैचों के बाद कोई भी बुमराह जैसे गेंदबाज की काबिलियत पर सवाल कैसे उठा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी विषय पर लंबे समय बाद हम चर्चा करें तो वह समझ सकते हैं, लेकिन सिर्फ इसलिए कि वह दो मैचों में प्रदर्शन नहीं कर पाए तो वह सही नहीं है। आप उनके मैच जिताने की क्षमता की अनदेखी नहीं कर सकते।

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बाहर से गलतियां निकालना आसान है

मोहम्मद शमी ने कहा कि टीम इंडिया के लिए बुमराह ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उसे न तो आप भुला सकते हैं, न ही उसकी अनदेखी कर कर सकते हैं। सकारात्मकता के साथ सोंचे तो ऐसी आलोचनाएं खिलाड़ी और उसके आत्मविश्वास के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि बतौर खिलाड़ी यह सब बेहद मुश्किल होता है। बाहर से, गलतियां निकालना आसान है, क्योंकि कुछ लोगों का काम ही है, टिप्पणी कर पैसे कमाना। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी चोटिल होता है और समीक्षकों को थोड़ी कोशिश कर सकारात्मक पक्षों को भी देखना चाहिए, न कि सिर्फ नकारात्मकता पर ध्यान देना चाहिए। शमी ने कहा कि 2015 में वह भी चोटिल हुए थे और उन्होंने भी वापसी की है।

घुटने की चोट के कारण लंबे समय तक शमी रह चुके हैं बाहर

मोहम्मद शमी के घुटने में 2015 में चोट लगी थी। इसकी सर्जरी करानी पड़ी थी और इस कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से बाहर रहे थे। इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर और फिर विश्व कप 2019 में शानदार प्रदर्शन किया था। फिलहाल उन्हें कई दिग्गजों ने न सिर्फ भारत का, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज बताया है।

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अनुभव भी खेल का एक अहम हिस्सा

शमी ने कहा कि लोग अलग तरीके से सोचते हैं। जब आप एक-दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन न कर पाएं तो उनके सोचने की दिशा बदल जाती है। इसलिए अपनी तरफ से हमें ज्यादा नहीं सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुभव का भी महत्व होता है। इसके बाद आप आसानी से घुटने नहीं टेकते। आप कई विषम परिस्थितियों का सामना कर चुके होते हैं और आपको पता होता है कि किस मौके पर क्या करना है। ये अहम है।

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