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शहीद की बहन की शादी में कमांडो दोस्तों ने दी अनोखी विदाई, दुल्हन के पांव के नीचे बिछा दी हथेली

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दो साल पहले आ तंकियों से मु ठभेड़ में शहीद हुए रोहतास के अशोक चक्र विजेता वायुसेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन की शादी में उनके कमांडो मित्रों ने जो रस्म अदायगी की वह मिसाल बन गई. शहीद की बहन की विदाई जवानों ने उनके पांव अपने हथेली पर लेकर की.

 यह शादी कोई मामूली शादी नहीं थी. यह जो आप तस्वीर देख रहे हैं यह अशोक चक्र विजेता गरुड़ कमांडो के शहीद जवान ज्योति प्रकाश निराला की बहन की है. इसमें शहीद के दर्जनों मित्र शामिल हुए. उन्‍होंने शहीद दोस्त की बहन के लिए भाई का फर्ज निभाते हुए विदाई के समय दुल्हन के पांव को जमीन पर नहीं रखने दिया. जहां-जहां दुल्हन के पांव पड़ते थे, उससे पहले शहीद के मित्र जवानों ने अपनी हथेलियां बिछा दीं.

यह शादी कोई मामूली शादी नहीं थी. यह जो आप तस्वीर देख रहे हैं यह अशोक चक्र विजेता गरुड़ कमांडो के शहीद जवान ज्योति प्रकाश निराला की बहन की है.

 दो साल पहले आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए रोहतास के अशोक चक्र विजेता वायुसेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला की बहन की शादी में उनके कमांडो मित्रों ने जो रस्म अदायगी की वह मिसाल बन गई. शहीद की बहन की विदाई जवानों ने उनके पांव अपने हथेली पर लेकर की.

इसमें शहीद के दर्जनों मित्र शामिल हुए. उन्‍होंने शहीद दोस्त की बहन के लिए भाई का फर्ज निभाते हुए विदाई के समय दुल्हन के पांव को जमीन पर नहीं रखने दिया. जहां-जहां दुल्हन के पांव पड़ते थे, उससे पहले शहीद के मित्र जवानों ने अपनी हथेलियां बिछा दीं.

 वायुसेना के अन्य गरुड़ कमांडो के जवानों की हथेलियों पर पांव रखकर शहीद की बहन जब विदा हुई तो पूरा गांव गौरवान्वित हो गया. शहीद की बहन दुल्हन शशिकला कहती हैं कि आज जब उनकी शादी हो रही थी, तो उन्‍हें भाई की कमी महसूस नहीं होने दी गई. ऐसी गौरवमई विदाई पाकर दूल्हा सुजीत कुमार भी भावुक थे.

वायुसेना के अन्य गरुड़ कमांडो के जवानों की हथेलियों पर पांव रखकर शहीद की बहन जब विदा हुई तो पूरा गांव गौरवान्वित हो गया. शहीद की बहन दुल्हन शशिकला कहती हैं कि आज जब उनकी शादी हो रही थी, तो उन्‍हें भाई की कमी महसूस नहीं होने दी गई. ऐसी गौरवमई विदाई पाकर दूल्हा सुजीत कुमार भी भावुक थे.

 रोहतास के बादीलडीह के रहने वाले ज्योति प्रकाश निराला दो साल पूर्व 18 नवम्बर 2017 को जम्मू-कश्मीर में छह आतंकियों को मार कर शहीद हो गए थे. मरणोपरांत राष्ट्रपति ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया था. शहीद ज्योति प्रकाश तीन बहनों के अकेले भाई थे, जिनमें जब शशिकला की शादी हुई तो शहीद जवान के 20 से अधिक गरुड़ कमांडो दोस्‍तों ने गांव पहुंचकर भाई का फर्ज अदा किया.

रोहतास के बादीलडीह के रहने वाले ज्योति प्रकाश निराला दो साल पूर्व 18 नवम्बर 2017 को जम्मू-कश्मीर में छह आ तंकियों को मा र कर शहीद हो गए थे. मरणोपरांत राष्ट्रपति ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया था. शहीद ज्योति प्रकाश तीन बहनों के अकेले भाई थे, जिनमें जब शशिकला की शादी हुई तो शहीद जवान के 20 से अधिक गरुड़ कमांडो दोस्‍तों ने गांव पहुंचकर भाई का फर्ज अदा किया.

 इन कमांडो ने शहीद की बहन की शादी का खर्च भी उठाया. साथ ही शहीद की बहन को ऐसी विदाई दी, जो आसपास के इलाके के लिए मिसाल बन गई. शहीद के पिता को इस पर गर्व है. उसका बेटा आज उसके पास नहीं है, फिर भी उसके बेटे के दोस्तों ने भाई का फर्ज अदा कर उन्हें संतोष प्रदान किया है.

इन कमांडो ने शहीद की बहन की शादी का खर्च भी उठाया. साथ ही शहीद की बहन को ऐसी विदाई दी, जो आसपास के इलाके के लिए मिसाल बन गई. शहीद के पिता को इस पर गर्व है. उसका बेटा आज उसके पास नहीं है, फिर भी उसके बेटे के दोस्तों ने भाई का फर्ज अदा कर उन्हें संतोष प्रदान किया है.

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