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समाज से लड़कर लड़के ने शहीद की विधवा से की शादी, हर किसी को पढ़नी चाहिए इन दोनों की कहानी

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आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप भावुक हो जाएंगे। आप सोचेंगे कि दुनिया में अभी तक इंसानियत जिंदा है। ये कहानी एक अफगानी लेखक ने शेयर की है। जिसे हिंदुस्तान के हर शख्स को पढ़ना चाहिए। आप इसे पढ़कर शेयर जरूर करना।

अफगानिस्तान का जलालाबाद गांव। रविवार की सुबह, सलमान आज 9 साल बाद शहर से गांव वापस आ रहा था सलमान गांव से दूर शहर में नौकरी करता था जैसे ही सलमान के गांव के पास वाली बस स्टैंड पर बस रुकी सलमान ने बस से उतार के चारों तरफ देखा उसके गांव की तरफ जाने के लिए कोई टैक्सी ना थी सलमान पैदल ही गांव की तरफ चल दिया। उसके मन में खुशी की ठंडी ठंडी लहरें उठ रही थी अपनों से मिलने की खुशी ,परिवार वालों से मिलने की खुशी , अपने दोस्तों से मिलने की और उस धुंधली पड़ चुकी तस्वीर से जो कई सालों से सलमान की आंखों में बसी थी जिससे उसने कई वर्ष पहले शायद प्यार किया था।

उसे प्यार कहे या जवानी सलमान नहीं जानता था अफसाना नाम था। सुंदर गोल चेहरा मगर ना सलमान ने उसे कभी पाना चाहा था और न अफसाना ने कभी सलमान को अपना जीवनसाथी माना था। अब तो शायद अफसाना की शादी हो चुकी होगी या अभी भी कुंवारी ही है सलमान नहीं जानता था सलमान इन्ही ख्यालों में खोया ना जाने कब गांव के पास पहुंच गया। सलमान ने देखा सामने पीपल के पेड़ के नीचे एक सफेद साड़ी में लिपटी लड़की बैठी थी सलमान ने उसका चेहरा ध्यान से देखा उस चेहरे में वह धुंधली तस्वीर नजर आ रही थी जो सलमान की आंखों में बसी थी।

अफसाना तुम. ………। सलमान पास पहुंचते बोला। अफसाना ने सलमान की तरफ देखा दोनों आंखों से आंसू बहने लगे। अफसाना तुम ऐसे हाल में और गांव से बाहर क्या है यह सब – सलमान अफसाना के पास बैठते बोला। सलमान…….। एक आवाज पीछे सुनाई दी सलमान ने पलट कर देखा उसकी मां दौड़ी चली आ रही थी सलमान की मां ने आकर सलमान को गले लगा लिया। बेटा तू इस डायन से बात कर रहा चल जल्दी तेरी नजर कटवानी होगी इस चुड़ैल की जरूर तुझे नजर लग गई होगी – सलमान की मां अफसाना को खा जाने वाली नजरों से घूरते बोली।

मां आप क्या कह रही सलमान माँ की तरफ देखते बोला। हा बेटा ये डायन है अपने दो दो पतियों को खा गई चल जल्दी सलमान की माँ जबरदस्ती सलमान का हाथ पकड़ कर खींचते ले गई। सलमान ने अफसाना की तरफ देखा उसकी आंखों से सिर्फ आंसू बह रहे थे घर पहुंचते ही सलमान की माँ सलमान को मस्जिद ले गई और मौलवी से बोली- मौलवी जी इसकी नजर काट दो उस डायन ने छू लिया काश। वो नागिन मरती तक नहीं। माँ ये क्या डायन डायन लगा रखा इंसान कभी डायन नहीं होता और अफसाना तो आपकी अपनी बेटी समान है वो कैसे डायन है सलमान चिढ कर बोला ।

बेटा तू नहीं जानता अफसाना मनहूस है , डायन है अपने पति को खा गई , जो भी उसका मनहूस चेहरा देख लेता उसका पूरा का पूरा दिन मुसीबतों से गुजरता अल्लाह उसकी हाय तुझे ना बैठी हो। सलमान पढ़ा-लिखा समझदार था वो इन बातों में विश्वास नहीं रखता था वह जानता था यह सब गांव वालों का अंधविश्वास है। दरअसल अफसाना का पति फौज में था। तालिबानी आतंकियों से लोहा लेते हुए वो शहीद हो गया। तब से अफसाना अकेली रह गई। शाम का समय हो चुका था सलमान का दिल भारी भारी था उसे ना गांव में अच्छा लग रहा था, ना परिवार में, उसकी आंखों में बार-बार अफसाना का आंसुओ से भरा चेहरा तैर रहा था सलमान गांव से बाहर उस पीपल के पेड़ के नीचे पहुंचा। अफसाना! सलमान अफसाना के पास बैठते बोला। सलमान तुम यहां क्यों आए हो अफसाना सलमान की तरफ देखते बोली ।

अफसाना तूने क्या कर लिया अपनी जिंदगी को पागलों जैसी हालत बना ली तू तो पढ़ी-लिखी समझदार थी फिर भी। सलमान सब किस्मत का खेल है और फिर यह समाज किताबों कहानियों की बातें कब मानता, इनके एक अलग रीति रिवाज है हम कितने ही समझदार क्यों ना हो लेकिन समाज और परंपराओं से थोड़ी अकेले लड़के जीत सकेंगे – अफसाना गहरी सांस छोड़ते हुए उसे अपने पति की शहादत के बारे में बताया। अब तुम ही बताओ सलमान यह सब में मेरा क्या कसूर है अफसाना सिसकते बोली। अफसाना की आपबीति सुनकर सलमान की आंखें भर आई सलमान के मन में अफसाना के लिए बहुत प्यार उमड़ आया था -अफसाना तुम किसी और लड़के शादी क्यों नहीं कर लेती।

अब कौन करेगा मुझसे शादी दूर तक कोई लड़का रिश्ते को तैयार नहीं होता और मैं भी अब शादी नहीं करना चाहती अब तो जितने भी जिंदगी के शेष बचे दिन ऐसे ही काट लुंगी अफसाना आंसू पोछते बोली। अब उसे विधवा की जिंदगी जीने पर मजबूर अभी उसकी सारी उम्र शेष है ऐसे रो-रोकर कब तक जायेगी जन्म मृत्यु तो भगवान के हाथ है इसमें बिचारी अफसाना का क्या दोष औरतों को देवी का रुप होती है फिर वह मासूम डायन मनहूस कैसे हो सकती ,यह हमारा समाज कैसी अंधविश्वास की परंपराओं में गिरा है सलमान इन्हीं विचारों में खोया रहता और आज 7 दिन बीत चुके थे।

सलमान पुनः वापस शहर जा रहा था मगर उसका दिल रो रहा था उसके माता-पिता उसे गांव के दूसरे रास्ते से बस स्टैंड लाए थे वह नहीं चाहते थे कि उसका लड़का अफसाना का मनहूस चेहरा देखें । सलमान बस स्टैंड पर बैठा था माता पिता वापस गांव लौट चुके थे मगर सलमान की आंखों में अफसाना का चेहरा था और वह दर्द भरे शब्द बार-बार कानों में गूंज रहे थे सलमान वापस गांव की तरफ चल दिया।

देखा अफसाना घुटनों में सिर झुकाए बैठी थी अफसाना में वापस शहर जा रहा और शायद कई सालों बाद वापस आऊंगा या न भी आऊ मगर मैं तुमसे कुछ पूछने आया सलमान अफसाना के सामने खड़ा होकर बोला । अफसाना सलमान को सवालिया नजरों से देख रही थी ।अफसाना क्या तू मुझसे शादी करेगी। अफसाना सलमान को आश्चर्य देखें जा रही थी पर आंखों में आंसू झलकने लगे ।

अगर तुम्हें लगता है मेरे साथ तुम खुश रह सकती हो तो तुम्हारे लिए चलो एक नई सुबह इंतजार कर रही है आओ अफसाना तुम्हारे लिए हमारे दिल में बहुत प्यार है अफसाना एक पल सलमान को देखती रही और फिर सलमान की बाहों में समा गई और दोनों एक नई मंजिल की तरफ निकल गए। दोस्तों सलाम है सलमान की सोच को। अगर आपको सलमान की सोच अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें।

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