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सिर्फ़ नाम पता बताइए और जानिए ICICI की मुफ़्त सेवा के हक़दार हैं या नहीं ??

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कमजोर आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस या EWS) और लोअर इनकम ग्रुप (एलआईजी या LIG) को मिलने वाली क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (ब्याज सब्सिडी) का फायदा अगले साल तक उठाया जा सकता है.

दरअसल सरकार ने PMAY को 31 मार्च 2020 तक बढ़ा दिया है. PMAY के तहत पहला घर बनाने या खरीदने के लिए होम लोन (Home Loan) पर ब्याज सब्सिडी का फायदा उठाया जा सकता है. होम लोन (Home Loan) के ब्याज पर 2.60 लाख रुपये का फायदा कमजोर आय वर्ग के लोग उठा सकते हैं. पहले यह स्कीम दिसंबर 2017 में खत्म हो रही थी.

जिन लोगों की आमदनी तीन लाख रुपये सालाना से कम है वे EWS कैटेगरी में आते हैं. छह लाख रुपये सालाना तक कमाने वाले लोग LIG में आते हैं. इन दोनों कैटेगरी में PMAY के तहत छह लाख रुपये तक के लोन पर 6.5 फीसदी तक ब्याज सब्सिडी का फायदा उठाया जा सकता है.

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सबके लिए घर-2022 के तहत सरकार ने CLSS शुरू की थी. बाद में इसे बढ़ाकर छह लाख से 12 लाख रुपये सालाना और 12 से 18 लाख रुपये सालाना तक की आमदनी वाले लोगों तक भी कर दिया गया था.

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विशफिन के सीईओ ऋषि मेहरा ने कहा, “12 लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोगों को MIG-1 कैटेगरी में रखा गया था, जबकि इससे अधिक आमदनी वाले लोगों को MIG-II कैटेगरी में रखा गया. पहली कैटेगरी वाले लोग 9 लाख रुपये तक के होम लोन (Home Loan) पर ब्याज में चार फीसदी और दूसरी कैटेगरी वाले लोग 12 लाख रुपये तक के होम लोन (Home Loan) पर तीन फीसदी ब्याज सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं.”

उन्होंने कहा, “इस सीमा से अधिक लोन (Home Loan) लेने पर बाकी रकम पर ब्याज सामान्य दर से चुकाना पड़ेगा. हर तरह के लोन के मामले में अधिकतम समय-सीमा 20 साल हो सकती है.”

अब हर लाभार्थी सेगमेंट के मामले में सब्सिडी की कुल रकम को शुरू में ही मूलधन में से घटा दिया जाता है.

मेहरा ने कहा, ‘यह मत समझिये कि ब्याज सब्सिडी की रकम सामान्य और सब्सिडी वाले ब्याज दर के अंतर से आएगी. बदले में यह ब्याज सब्सिडी की रकम के नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) से आंकी जाती है. नेट प्रेजेंट वैल्यू की गणना 9% के डिस्काउंट रेट से की जाती है.”

उन्होंने कहा,”PMAY में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी की रकम को लोन की कुल रकम में से घटाने के बाद बचे रकम पर सामान्य दर से ब्याज वसूला जाता है.”

PMAY स्कीम से लोन लेने वाले व्यक्ति की मासिक क़िस्त 2012 से 2,318 रुपये तक और ब्याज की कुल देनदारी 4,85,866 से 5,56,102 रुपये तक कम हो सकती है.

ऐसे समझिए PMAY योजना
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) में मध्यम आय वर्ग के ऐसे लोगों को जिनकी सालाना आय 6 लाख से 12 लाख रुपए के बीच है, उन्हें 9 लाख रुपये के 20 साल अवधि वाले होम लोन (Home Loan) पर 4 फीसदी की ब्याज सब्सिडी मिलेगी.

मसलन होम लोन (Home Loan) पर ब्याज की दर 9 फीसदी है तो आपको PMAY के तहत यह 5 फीसदी ही चुकानी होगी. 12 लाख से 18 लाख रुपये की सालाना आय वाले लोगों को 4 फीसदी की ब्याज सब्सिडी मिलेगी.

PMAY का बढ़ाया गया है समय

 

 

आवास और शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम को 31 मार्च 2020 तक बढ़ा दिया है. साल 2022 तक हाउसिंग फॉर आल के लक्ष्य को पाने के लिए सरकार ने PMAY का लाभ लेने की अवधि बढ़ाई है.

कहां से उठा सकते हैं फायदा
बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्माल फाइनेंस बैंक और बहुत से संस्थान इस योजना का लाभ ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं. नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) और हुडको (HUDCO) भी इस योजना में शामिल हैं.

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