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100 करोड़ लोग घर में कैद, MSME सेक्टर को 1183 बिलियन डॉलर का झटका, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

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नई दिल्ली : कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया की रफ्तार थम सी गई है। देश-विदेश हर जगह से लॉकडाउन की खबरों के बीच सोशल-डिस्टेंसिंग वक्त की जरूरत बन चुका है। आंकड़ों में कहें तो लगभग 35 देशों के 900 मिलियन से ज्यादा लोग घरो में बंद हो चुके हैं। और ये हम नहीं कह रहे अंकटाड यानि यूनाइटेड नेशशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवल्पमेंट (UNCTAD) की रिपोर्ट कहती है । रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की वजह से 2020 में अर्थव्यवस्था को 1 से 2 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने की संभावना है। अगर भारत की बात करें तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को 348 मिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।

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MSME सेक्टर को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान- कोरोना वायरस की वजह से MSME सेक्टर को सबसे ज्यादा झटका लगा है। अकेले भारत में ये सेक्टर 180 मिलियन नौकरी पैदा करते हैं। अर्थव्यवस्था में योगदान की बात करें तो MSME सेक्टर 1183 बिलियन डॉलर का योगदान देता है।

इस पूरे घटनाक्रम में दिहाड़ी पर काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक 400 मिलियन लोग मुख्त तौर पर अस्थायी सेक्टर से आते हैं। इन कामगारों को पेड लीव, मेडिकल जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता है।न ही इनके पास वर्क फ्राम होम का ऑप्शन होता है। ऐसे लोगों की जिंदगी कोरोना की वजह से बेहद उथल पुथल हो चुकी है।

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31 मार्च तक 5 लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट बंद करने का प्रस्ताव दिया है। इसकी वजह से रेस्टोरेंट में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया गया है। कैब ऑपरेटर्स के मुताबिक राइड डिमांड में 50 फीसदी कमी दर्ज की जा रही है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती को कोरोना मंदी में बदल सकता है।

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