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104 साल पहले इंसानों की मांग पर हाथी को दी गई थी फांसी, जानें आखिर क्यों ऐसा करना पड़ा

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नई दिल्ली। हर मुल्क में अपराधियों को सजा देने के लिए नियम-कायदे बनाए गए है। जितना जघन्य अपराध होता है उसके लिए सजा भी उतनी ही बड़ी होती है। अक्सर इंसानों को फांसी देने की बात आपने जरूर सुनी ही होगी, लेकिन क्या कभी ऐसा सुना है कि किसी हाथी को फांसी की सजा सुनाई गई हो।

जी हां यह सुनने में भले ही आपको अजीब लगे, लेकिन यह हकीकत है। आज से 104 साल पहले अमेरिका ( America ) में यह वाकया घटा था। उस समय अमेरिका में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथी ( Elephant ) को फांसी दिए जाने का पुरजोर समर्थन किया था।

यह घटना 13 सितंबर साल 1916 की है, जब अमेरिका के टेनेसी राज्य में दो हजार से ज्यादा लोगों के बीच मैरी नाम के हाथी को फांसी पर लटकाया गया था और इस क्रूर सजा के के पीछे की वजह भी बड़ी अजीब थी, जिसके बारे में सुनकर कोई भी सन्न रह जाएगा।

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दरअसल चार्ली स्पार्क नाम का एक व्यक्ति टेनेसी में ‘स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शो’ नाम का एक सर्कस ( Circus ) चलाता था। उसके पास कई जानवर थे, जिसमें से मैरी नाम एशियाई हाथी एक था। कहते हैं कि एक दिन मैरी के महावत ने किसी वजह से सर्कस छोड़ दिया, जिसके बाद उसकी जगह पर किसी दूसरे महावत को रखा गया।

नए महावत को मैरीके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी और ना ही मैरी उस महावत के साथ अपना तालमेल बैठा पा रहा था, इसलिए मैरी को कंट्रोल करने में नए महावत को काफी परेशआनी आ रही थी। लेकिन शहर के बीचों-बीच परेड निकाली गई। इस दौरान रास्ते में मैरी को कुछ खाने की चीज दिखी, जिसके लिए वह तेजी से आगे बढ़ने लगा।

अब नए महावत ने हाथी को रोकने की भरपूर कोशिश की। लेकिन हाथी ( Elephant ) नहीं रूका और इस दौरान महावत ने उसके कान के पीछे भाला घोंप दिया जिससे गुस्से में आकर हाथी ने उसे नीचे पटक दिया और उसके ऊपर अपने पैरों के नीचे कुचल दिया।

कुछ लोगों ने हाथी को मार डालने के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अगले दिन के अखबारों ( Newspapers ) में इस घटना को खासतौर पर जगह दी गई। शहर के ज्यादातर लोग सर्कस के मालिक चार्ली स्पार्क से मैरी (हाथी) को मृत्युदंड देने की मांग करने लगे।

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इसके साथ ही उन्होंने धमकी भी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो वो शहर ( City ) में फिर कभी सर्कस नहीं होने देंगे। कई लोगों ने हाथी को ट्रेन ( Train ) से कुचलवा कर मारने के लिए कहा तो कईयों ने हाथी को करंट के जरिए मौत के घाट उतारने की बात कही।

ऐसे में लोगों की जिद के सामने सरकार को घुटने टेकने पड़े और हाथी को सजा सुनाई गई। आखिरकर13 सितंबर 1916 को क्रेन की मदद से हाथी को हजारों लोगों के बीच फांसी पर लटका दिया गया। इस घटना को इतिहास में जानवरों के प्रति इंसान की क्रूरता का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।

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