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विशेष

2 साल पहले चोरी हुई कार को इस्तेमाल करते पाए गए पुलिस अफ़सर, यूपी का है अजीबो-ग़रीब मामला

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उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग की टैग लाइन है: “अगर यूपी नहीं देखा तो इंडिया नहीं देखा” और बात भी शत-प्रतिशत सही है, यूपी में जो देखने को मिल जाता है वो कहीं देखने को नहीं मिल सकता. उत्तर प्रदेश को संभावनाओं का प्रदेश भी कहा जाता है.

बात है कानपुर की, जहां एक इंसान की कार चोरी हो जाती है, मगर 2 साल बाद मिल भी जाती है. वैसे तो चोरी हुई कार का मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, मगर जिसके पास ये चोरी हुई कार मिली वो ख़ुद यूपी पुलिस में अफ़सर हैं. बोला था ना ‘संभावनाओं का प्रदेश’.

 

Source: thestatesman

क्या है पूरा मामला:

कानपुर में रहने वाले ओमेंद्र सोनी को एक ऑटो सर्विस सेंटर से एक कॉल आता है कि जिस कार की उन्होंने सर्विसिंग कराई है क्या वो सही से चल रही है? ओमेंद्र भौचक्के रह जाते हैं क्योंकि उनकी ये कार बर्रा क्षेत्र से 31 दिसंबर 2018 को चोरी हुई थी. बर्रा पुलिस के पास उन्होंने FIR भी दर्ज़ कराई मगर कार का कुछ पता नहीं चला.

Source: amarujala

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए ओमेंद्र सोनी ने बताया, “मैं सर्विस सेंटर के सवाल पर हैरान था. मुझे बताया गया कि सर्विस सेंटर वालों के पास मेरी डिटेल्स इसलिए थीं क्योंकि मैंने पहले अपनी Wagon R की सर्विसिंग वहां से कराई थी. उन्होंने फीडबैक के लिए मुझे कॉल किया.” उन्होंने आगे बताया, “मैं सर्विस सेंटर गया था और मुझे बताया गया था कि सर्विसिंग के बादगाड़ी एसओ बिठूर, कौशलेंद्र प्रताप सिंह को 22 दिसंबर को लौटा दी गयी थी.” ओमेंद्र सोनी हैरान थे कि पुलिस ने कार मिलने की ख़बर उन तक क्यों नहीं पहुंचाई.

कौशलेंद्र प्रताप सिंह उन पुलिस अफ़सर में से हैं जो बिकरू काण्ड में घायल हुए थे जब गैंगस्टर विकास दुबे और उसके लोगों द्वारा आठ जुलाई को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी. सिंह चोरी की कार का उपयोग करना जारी रखा और सर्विस वाली कार नहीं.

Source: news18

नियम क्या है?

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए पुलिस अफ़सर सिंह ने बताया कि उन्हें ये कार छोड़ी हुई मिली थी जिसे उन्होंने जब्त कर लिया मगर किस तारीख़ को ये गाड़ी मिली उसका जवाब कौशलेंद्र प्रताप सिंह नहीं दे पाए. उनसे जब यह पूछा गया कि जब्त वाहन को वो इस्तेमाल कैसे कर रहे थे तो उसका जवाब भी उन्होंने नहीं दिया. नियम ये कहता है कि बिठूर पुलिस को कार की बरामदगी के बारे में बर्रा पुलिस को बताना चाहिए था हालांकि बर्रा पुलिस ने पुष्टि की कि उसे बिठूर पुलिस से कोई सूचना नहीं मिली है.

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