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60 से 80 साल के बुज़ुर्गों के लिए घातक है कोरोना, जानिये विदेशों में क्या प्रयास हो रहे हैं उन्हें बचाने के

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कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते अमरीका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन में माल्स और दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इस बीच बुजुर्गों की दवाओं और अन्य जरूरी चीजों के लिए कुछ दुकानदारों और खुदरा विक्रेताओं ने सुझाव दिया है कि वे बुजुर्गों के खरीदारी करने के लिए अन्य लोगों से अलग समय देंगे। बुजुर्गो के लिए खरीदारी का विशेष समय लागू करने के इस सुझाव को जहां समर्थन मिल रहा है वहीं विशेषज्ञ इसके विरोध में है। उनका कहना है कि इस कदम से वारस को फैलने से नहीं रोका जा सकता।

हजारों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस को हराने के लिए सावधानी ही सबसे सफल ‘टीका’ है। लेकिन इस महामारी से लड़ रहे कई बड़े देश अपने नागरिकों को घरों में ही रहने की अपील कर रहे हैं। लेकिन अमरीका सहित अन्य बड़े देशों में कुछ रिटेलर्स और दुकानदारों ने नुकसान से बचने के लिए यह सुझाव दिया है कि वे सुबह जल्दी और रात को एक विशेष समय के लिए सिर्फ बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए दुकानें खोलेंगे। ‘सीनियर्स ओनली हावर’ (Senior’s Only Hour) यानि केवल बुजुर्गों के लिए इस कस्टम खरीदारी को जहां लोग पसंद कर रहे हैं वहीं विशेषज्ञों को यह सुझाव रास नहीं आ रहा है। ‘सीनियर्स ओनली हावर’ में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग सुबह 6 से 7.30 बजे तक इन स्टोर्स पर खरीदारी कर सकते हैं। डॉलर जनरल नाम की रिटेल कंपनी की प्रवक्ता क्रिस्टल घस्सेमी का कहना है कि वह बुजुर्गों को भीड़ से बचाने के लिए ऐसा कर रही है। अमरीकी स्वास्थ्य विभाग (सीडीसीपी) का कहना है कि चीन से मिले आंकड़ों के अनुसार 80 साल के बुजुर्गों के लिए यह वायरस सबसे ज्यादा घातक साबित हो रहा है।

कई देशों में बुजुर्गो के लिए अलग से शॉपिंग टाइम को चुनौती

इसलिए हो रहा विरोध
लेकिन ‘सीनियर्स ओनली हावर’ का विरोध करने वाले भी कम नहीं। टेक्सास, मेक्सिको, न्यूयॉर्क और वाशिंगटन में सैकड़ों ग्रोसरी स्टोर मालिकों ने ऐसा करने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से मिले इस प्रस्ताव को उन्होंने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पेन्सिल्वेनिय विश्वविद्यालय के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की संक्रमण और जेरिएट्रिक मेडिसिन विशेषज्ञ अलीशा कैरेन का का कहना है कि 100 लोगों से ज़्यादा की मौत के बाद किसी भी स्तर पर इस तरह को जोखिम उठाने को अधिकतर संचालक तैयार नहीं हैं। इससे बुजुर्गों के अलावा उन्हें और कर्मचारियों को भी संक्रमण का खतरा है। वहीं इससे बुजुर्गों को कितना फायदा होगा यह भी निश्चित नहीं है। अलीशा ने बताया कि वे अपने बुजुर्ग रोगियों को सलाह दे रही हैं कि खरीदारी के लिए वे खुद जाने की बजाय अपने रिश्तेदारों या मित्रों को भेजें।

कई देशों में बुजुर्गो के लिए अलग से शॉपिंग टाइम को चुनौती

कितने लोग एकत्र हों तय नहीं
स्टोनी ब्रूक मेडिसिन में संक्रामक रोग विभाग की प्रमुख बेट्टीना फ्राइज का कहना है कि भीड़ से बचने की सलाह देने वाला स्वास्थ्य विभाग खुद ही ऐसे प्रस्ताव को स्वीकृति देकर जोखिम मोल ले रहा है। अभी तक यह भी तय नहीं है कि कि कितने बुजुर्गों के एक साथ एकत्र होने पर संक्रमण का खतरा नहीं है। ऐसे में खरीदारी के लिए विशेष समय देना गले नहीं उतर रहा है। क्योंकि चाहे कितने भी कम लोग आएं शॉपिंग मॉल और स्टोर में आप एक-दूसरे के बहुत करीबी संपर्क से खुद को बचा लेंगे इसकी आशंका कम ही है। इससे बेहतर फोन पर ऑर्डर लेकर घर तक डिलीवरी की सुविधा देना ज्यादा अच्छा विकल्प था।

कई देशों में बुजुर्गो के लिए अलग से शॉपिंग टाइम को चुनौती

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