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DL, HR, UP…. और अब आ रहा गाड़ी का BH यानी भारत वाला नंबर, जानें सबकुछ

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जल्द ही सड़कों पर एक खास सीरीज के नंबर प्लेट की गाड़ी दिखेगी। जिसकी शुरुआत BH से होगी। इस सीरीज के नंबर की गाड़ी जिसके पास होगी उसे किसी दूसरे राज्य में जाने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

सड़क पर चलते वक्त गाड़ी का नंबर प्लेट देख आप अंदाजा लगा लेते हैं कि यह गाड़ी कहां की है। जैसे किसी नंबर प्लेट की शुरुआत DL से होती है तो दिल्ली की गाड़ी, UP यानी उत्तर प्रदेश, TN यानी तमिलनाडु की गाड़ी। अब आपको जल्द ही सड़कों पर एक खास सीरीज के नंबर प्लेट की गाड़ी दिखेगी जिसकी शुरुआत BH से होगी। इस सीरीज के नंबर की गाड़ी जिसके पास होगी उसे किसी दूसरे राज्य में जाने पर आरसी ट्रांसफर की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सीरीज के लिए कौन अप्लाई कर सकता है, कितनी रकम खर्च करनी पड़ेगी, जानिए इस नंबर प्लेट से जुड़े सारे सवालों के जवाब

BH सीरीज दूसरे नंबर प्लेट से किस प्रकार अलग

BH सीरीज की गाड़ी जिसके पास होगी यदि उसका ट्रांसफर किसी दूसरे राज्य में हो जाता है तो वहां उसे दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। वो किसी भी राज्य में जाए उसे दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूत नहीं पड़ेगी।

दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन का क्या है नियम

आप यह सोच रहे हैं कि पहले भी तो दूसरे राज्य में दूसरे राज्य की गाड़ी का नंबर दिखता है तो फिर ऐसा क्यों। ऐसा नहीं है वर्तमान समय में आप एक निश्चित अवधि के लिए दूसरे राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन कराए गाड़ी रख सकते हैं। वर्तमान में एक व्यक्ति को उस राज्य के अलावा किसी भी राज्य में अधिकतम 12 महीने तक वाहन रखने की अनुमति है जहां वह पंजीकृत है। मालिक को ऐसे वाहनों का 12 महीने की समाप्ति से पहले फिर से पंजीकरण करवाना होता है। बीएच सीरीज के बाद इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

नई सीरीज किसके लिए और कौन कर सकता है अप्लाई

इस नई BH सीरीज के शुरू हो जाने के बाद सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिलेगी जिनका ट्रांसफर होता रहता है और उन्हें अपने साथ गाड़ी ले जानी होती है। वहां दोबारा रजिस्ट्रेशन की दिक्कत रहती है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने रक्षा कर्मियों, केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों और संगठनों के स्वामित्व वाले निजी वाहनों के पंजीकरण के लिए इस नई सीरीज की शुरुआत की है। इस नई सीरीज के तहत जिनके ऑफिस चार या अधिक राज्यों में है उनके कर्मचारी अप्लाई कर सकते हैं। सरकारी और प्राइवेट दोनों ही जगहों पर काम करने वाले लोग इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। यह योजना स्वैच्छिक है अनिवार्य नहीं है।

किस रंग में होगा नंबर प्लेट, कैसे होगी नंबर की शुरुआत

नंबर प्लेट काले और सफेद रंग का होगा। सफेद बैकग्राउंड पर काले रंग से नंबर अंकित होगा। इसके साथ ही BH से इसकी शुरुआत होगी और इसके बाद रजिस्ट्रेश के वर्ष का अंतिम दो अंक और फिर आगे का नंबर होगा।

इस खास सीरीज के नंबर के लिए कितना टैक्स और कितने साल के लिए

इसमें वाहन मालिकों के पास विकल्प होगा। उन्हें दो साल या दो के गुणकों में रोड टैक्स का भुगतान करना होगा। आरटीओ के पास जाने की जरूरत नहीं है, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। BH सीरीज के लिए मंत्रालय ने 10 लाख रुपये तक की लागत वाले वाहनों के लिए 8%, 10-20 लाख रुपये की लागत वाले वाहनों के लिए 10% और 20 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले वाहनों के लिए 12% रोड टैक्स तय किया है। डीजल वाहनों के लिए 2% अतिरिक्त शुल्क और इलेक्ट्रिक वाहनों पर 2% कम कर लगाया जाएगा।

अभी गाड़ियों के टैक्स का क्या है नियम

वर्तमान में निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय, मालिकों को 15 साल का रोड टैक्स अग्रिम भुगतान करना होता है। यदि वे अपनी गाड़ी किसी दूसरे राज्य में ले जाते हैं तो वहां दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होता है। उदाहरण के लिए कोई गाड़ी दो साल पुरानी है और किसी दूसरे राज्य में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं तो दोबारा 12 या 13 वर्षों के टैक्स का भुगतान करना होता है। साथ ही उन्हें उस राज्य से पहले से भुगतान की गई राशि का दावा करने की आवश्यकता है जहां वाहन मूल रूप से पंजीकृत था।

अलग राज्यों में अलग टैक्स का झंझट क्या हो जाएगा समाप्त

वर्तमान समय में अलग- अलग राज्यों में रोड टैक्स अलग है। इस नए सिस्टम के बाद दोबारा से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी और आरटीओ ऑफिस के चक्कर भी नहीं काटने होंगे। सीधे और आसान शब्दों में BH सीरीज की गाड़ी बेफिक्र होकर अब किसी भी राज्य में ले जाइए और रजिस्ट्रेशन का झंझट भी खत्म हो जाएगा।

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