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बॉलीवुड

Talented अभिनेत्रियों से इन 9 फ़िल्मों में बेमतलब के रोल करवाकर, उनके Talent की ऐसी-तैसी कर दी गई

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बॉलीवुड (Bollywood) एक्ट्रेसेस (Actresses) को एक तरह के रोल ही देता है. ये फ़ैक्ट सबको पता है कि कि अभिनेत्रियों और अभिनेताओं को एक रोल विशेष में ही फ़िट कर दिया जाता है. ज़्यादा उम्र के अभिनेताओं को कम उम्र की अभिनेत्रियों के साथ लिया जाता है और ये ट्रेन्ड (Trend) काफ़ी पॉपुलर है. बॉलीवुड निर्माता कई बार अभिनेत्रियों के एक्टिंग स्किल्स (Acting Skills) को परदे पर दिखाने में भी असफ़ल हुए हैं. ऐसी कई फ़िल्में आईं जहां उम्रदराज़ अभिनेत्रियों को लेने के बजाय, कम उम्र की अभिनेत्रियों को मेकअप (Makeup) करके अभिनय करवाया गया. अभिनेत्रियों के Talent का सही इस्तेमाल करने में भी बॉलीवुड ने बुरी तरह मात खाई है.

1. सुप्रिया पाठक, द बिग बुल

सुप्रिया पाठक स्क्रीन पर क्या-क्या कर सकती हैं इसके बहुत सार उदाहरण हैं. चाहे वो खिचड़ी (Khichdi) की हंसा हो या राम लीला (Ram Leela) की धनकोर बा. द बिग बुल (The Big Bull) में उनके काफ़ी कम डायलॉग्स थे और ऐसी अभिनेत्री के साथ इस तरह का व्यवहार किसी स्कैम से कम नहीं है.

2. तब्बू, गोलमाल अगैन, जवानी जानेमन

Source: The Indian Express

तब्बू ने जवानी जानेमन में हिप्पी टाइप रोल किया. तब्बू के लिये ये काफ़ी नया रोल था लेकिन सैफ़ अली ख़ान (Saif Ali Khan) का ये अवतार हमने कई फ़िल्मों में देखा है. इस फ़िल्म में तब्बू का रोल सही से नहीं लिखा गया. गोलमाल अगैन (Golmaal Again) ऑफ़र करने वालों को ही अच्छे से सोचना था!

3. शेफ़ाली शाह, मोहब्बतें

Source: Meiva Voco

शेफ़ाली शाह का Talent हम सबने Delhi Crime में देखा है. मोहब्बतें (Mohabbatein) में भी उन्होंने एक छोटा सा रोल किया था. शाह की अदाकारी बेहतरीन थी लेकिन वो रोल उनके लिये नहीं था. अगर शाह को फ़िल्म में ज़्यादा स्क्रीन स्पेस (Screen Space) दिया जाता तो वो कमाल करती.

4. सीमा पाहवा, सूरज पर मंगल भारी

Source: Scoop Whoop

शुभ मंगल सावधान, बरेली की बर्फ़ी जैसी फ़िल्मों से दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने वाली पाहवा ने सूरज पर मंगल भारी (Suraj Pe Mangal Bhaari) में कुछ अलग नहीं किया. शायद इसलिये, अभिनेत्रियों को टाइपकास्ट (Typecast) नहीं करना चाहिये.

5. शीबा चड्ढा, शकुंतला देवी

Source: Scoop Whoop

शीबा चड्ढा की अदाकारी ऐसी है कि फ़िल्म कोई भी हो, रोल कोई भी दर्शकों को वो याद रहती हैं. मैनस्ट्रीम सिनेमा(Mainstream Cinema) को उनका Talent पहचानना होगा. शकुंतला देवी में उनके साथ न्याय नहीं किया गया.

6. आयशा रज़ा और अश्विनी कालसेकर, लक्ष्मी

Source: Hotstar

पहली बात तो लक्ष्मी (Laxmii) क्यों बनाई गई इस पर शोध होना चाहिये. उसके बाद इस फ़िल्म में अच्छे-अच्छे अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के साथ इतना अन्याय क्यों किया गया इस पर! आयशा रज़ा और अश्विनी कालसेकर इससे बहुत अच्छा का कर सकती हैं लेकिन बॉलीवुड उन्हें मौक़ा नहीं दे रहा.

7. तिस्का चोपड़ा, गुड न्यूज़

Source: Charmboard

तिस्का चोपड़ा (Tisca Chopra) ने गुड न्यूज़ (Good Newwz) में छोटा सा किरदार निभाया. बड़े दुख की बात है कि निर्माता इतने Talented लोगों के साथ इस तरह से पेश आ रहे हैं!

8. तिलोत्तमा शोम, हिन्दी मीडियम, अंग्रेज़ी मीडियम

Source: Charmboard

क़िस्सा (Qissa), इज़ लव एनफ़ सर (Is Love Enough… Sir) जैसी बेहतरीन फ़िल्में कर चुकीं हैं तिलोत्तमा शोम (Tillotama Shome). हिन्दी मीडियम (Hindi Medium) और अंग्रेज़ी मीडियम (Angrezi Medium) में जो रोल उनके लिये लिखे गये वो न सिर्फ़ उनके लिये अच्छा नहीं था बल्कि दर्शकों के लिये भी निराशाजनक था.

9. राजश्री देशपांडे, द स्काई इज़ पिंक

Source: Scoop Whoop

एस दुर्गा (S Durga), ऐंग्री इंडियन गॉडेसेस(Angry Indian Goddesses) जैसी फ़िल्मों में बेहतरीन रोल्स कर चुकी राजश्री देशपांडे को द स्काई इज़ पिंक (The Sky Is Pink) में कैमियो(Cameo) था और इससे अच्छा होता कि रोल न दिया जाता!

पेशकश कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में बताइए.

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