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लाइफ स्टाइल

ऐसी कौन सी बातें है जो शादी के बाद पत्नी को बिल्कुल भी बतानी नहीं चाहिए?

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बहुत ही वाजिब प्रश्न है। वैसे तो कई महिलाएं इस बात का समर्थन करेंगी कि पति पत्नी के बीच किसी भी प्रकार के रहस्य या गुप्त नही होने चाहिए। दोनों को एक दुसरे से कुछ भी छिपाना नही चाहिए।

लेकिन मेरा तर्क भिन्न है। जिन परिस्थितियों में पड़ने के बाद पति ये फैसला लेता है कि अमुक बात पत्नी को नही बतानी है ये सिर्फ उदाहरण देने पर साफ होगी। इस स्थिति को समझने के लिये आगे पढ़ें।

किन परिस्थितियों में बातें पत्नी से छिपानी चाहिए।

मुझे किसी की मदद करनी ही है। लेकिन मेरी पत्नी को मेरी ये आदत पसन्द नहीं। अब अगर उसे बताऊंगा तो बिना मतलब घर मे कलह होगा और शांति भंग होगी। तो मेरे पास दो विकल्प है, एक, मैं पत्नी को बिल्कुल न बताऊँ। दूसरा, मैं उस व्यक्ति की मदद न करूं। कह दूं उसे कि भाई, तू और कोई रास्ता देख ले, मेरी पत्नी को पसन्द नहीं है, इसलिये मैं तेरी मदद नहीं कर सकता। डूबने दूँ उसे उनके तकलीफों के समंदर में।

मुझे दोस्तो के साथ पार्टी करनी है या गोआ जाना है। पत्नी से पूछुंगा तो कहेगी, दोस्तों के साथ घूमने के लिये वैसे पैसे है, लेकिन मैं पचास हजार मांगू तो कह देंगे कि अभी नही है। और उसके बाद शुरू हो जाएगी पिछले पंद्रह साल की कहानी। मुझे आज तक कभी कुछ दिलाया नही, कुछ भी नही मेरे पास, वगैरह वगैरह। तो इससे अच्छा है न कि आफिस के काम का बहाना बनाओ और निकल लो। या फिर भूल जाओ गोआ। ऎसे ही सड़ते रहो। अपनी तो कोई खुशी है नही। जो कमाओ, इन्हें दे दो या इनकी जरूरतों को ऑयर करते रहो। आखिर मर्द हो, कमाने के लिए ही तो पैदा हुए हो। पहले खुद की पढ़ाई और अन्य खर्चोके लिए कमाओ। फिर बहन की शादी के कर्जे चुकाने के लिए, फिर भाई की पढ़ाई और छोटी बहन की शादी के लिये और अंत मे शादी हो जाय तो अपनी पत्नी और बच्चों के लिए। माँ पिताजी जब तक है तब तक तो उनकी जिम्म्मेदारी उठानी ही है।तो भाई, आदमी कब अपनी खुशी के लिए कही जाय या अपने लिए कुछ खर्च करे।

पति -पत्नी को आपसी कौन-कौन सी बातें किसी को नहीं बतानी चाहिए? - Quora

अब मार्किट में नया फ़ोन आया, पिक्सेल 2। गूगल का बढ़िया फ़ोन है। पिछली बार चार साल पहले नेक्सस 5 खरीदा था 34000 का। तो जब तक वह फ़ोन कही गुम नही हो गया, तब तक जब भी फ़ोन देखती तो कहती, मुझे दे दो। जब कि उसे चार सालों में चार फ़ोन खरीद चुका हूँ। तो नेक्सस 5 कहीं गुम हो गया, इसलिये मन बनाया कि पिक्सेल 2 खरीदा जाय। अब अगर बता कर खरीदता हु तो फिर से शुरू हो जाएगी कि खुद के लिए इतना महंगा फ़ोन। जी है, वह कोई 48000 का आया था तब। हाँ तो, खुद के लिए 48000 का फ़ोन और मुझे कभी 20000 से ज्यादा का नही दिलाया। वगैरह वगैरह। फिर से वही कहानी शुरू हो जाएगी। तो कलह न हो इसके दो रास्ते है। या तो 1500 वाली कोई बटन वाली फ़ोन ले लीजिए, पिक्सेल 2 को भूल जाइए या फिर वहीं। झूठ बोलिये, ऑफिस से मिला है।

अगर विवाह से पहले कोई ऐसा कांड किया है आपने, जिसे जान ने की बाद पत्नी आपको छोड़ कर जा सकती है, तो आप ये जोखिम ले सकते है। वैसे ये आपको ही जांचना होगा कि किस तरह के कांड को जानने पर वे आपको छोड़ कर जा सकती है या घमासान हो सकता है या वही, कलह, जिससे हम बचना चाहते है। इसलिए तो हर महीने जितना मांगती है, बस दे देता हूँ। भईया, शांति भी कोई चीज होती है कि नहीं। उसके भी दाम लगते है। अगर मोल भाव करके दो हजार बचा भी लिए तो उतने का तो खून जल गया न शरीर मे, तो सस्ता सौदा वही है, दे दो। जितना मांगे, दे दो। हा तो आप देख लो, क्या करना है।

और शादी के पहले की छोड़ो, अब भी अगर कुछ ऐसा कर रहे हो तो सोच लो, बताना है कि नही। बाकी आपकी मर्जी है।

कुछ लोग तो घर से बाहर नॉन वेज भी खा लेते है। किसी जाति विशेष का नाम लूंगा तो वे बुरा मान जाएंगे लेकिन ये सच है कि उत्तर भारत के एक राज्य के लोग कट्टर शाकाहारी होते है लेकिन उनके पतियों को पता नहीं कहाँ से नॉन वेज खाने की लत लग गयी। हाँ तो देख लो आप भी, अगर कुछ ऐसा है कि आप भी बाहर खाते हो लेकिन पत्नी के लिए शुद्ध शाकाहारी हो तो आपकी मर्जी, ये बताना है कि नही।

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ऐसे ही कुछ ऐसी भी बातें होती है। पति तो मुडियल होते ही है। बाजार नही जाएंगे तो नही जायेगे, और जाएंगे तो 5 किलो आम, 2 किलो, टमाटर, 2 किलो ये सब्जी, वो सब्जी, मतलब दुनिया भर की सब्जियां खरीद लाएंगे। फिर घर पहुँचने पर, इतनी सब्जी क्यों ले आये, कौन खायेगा। आधा से ज्यादा सड़ जाएगा रखा रखा। मतलब…. तो क्या करेंगे आप, कह देंगे सस्ती मिल रही थी इसलिए ले ली। मतलब सिर्फ सब्जियों की बात नही है, फल वगेरह भी लेने जाएंगे या कभी अकेले मॉल में चले गए, कुछ अजीब सा पसन्द आ गया। तो लिया। अब घर ले कर आये। तो दो बात होती है। यदि सिर्फ अपने लिए लाए तो सुनिये, सिर्फ अपनी चिंता रहती है। दुनिया भर के कपड़े से अलमारी भरी पड़ी है फिर भी और खरीद कर ले आये। और अगर उनके लिए ले आये तो, इतना महंगा क्यों लाये, बेकार है, मुझे तो पसन्द नहीं। तो क्या करेंगे। बोल दीजिये, सेल लगी थी केवल तीस परसेंट में लाया हूं। सत्तर प्रतिशत छूट थी।

अब आप बताइए, क्या करना चाहिए। पत्नी से सच बोलना चाहिए या नहीं। घर मे शांति चाहिए तो संतुलन बना कर चलिए। जहाँ जैसे काम चले, वैसे चलाइये। सच झूठ में क्या रखा है, शांति जरूरी है, प्रेम जरूरी है। मेरे एक छोटे से झूठ से किसी के चेहरे की मुस्कान लौट आती है, किसी की आंखों के आंसू पुछ जाते है, घर मे प्रेम और शांति का माहौल बना रहता है तो क्यों न सच छिपाया जाय।

कहीं पहले भी किसी वक्तव्य में लिखा था। आज फिर यहाँ दुहरा रहा हूँ। श्री कृष्ण ने कहा था-धर्म की स्थापना के लिए अगर अधर्म भी करना पड़े तो वो भी धर्म कहलाता है।

मेरे झूठ से किसी का भला हो रहा है तो मैं ऐसे झूठ बार बार बोलूंगा।

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