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युद्ध में जल गया दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन Antonov Mriya

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युद्ध में जल गया दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन Antonov Mriya

यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) के पास मौजूद एक एयरफील्ड में खड़े दुनिया के सबसे बड़े विमान (World’s Biggest Cargo Plane) को रूसी सैनिकों ने हमले में ध्वस्त कर दिया. इस बात की पुष्टि यूक्रेन सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी की गई है. अब इस प्लेन को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं. (फोटोः Satellite image ©2022 Maxar Technologies/Handout via REUTERS

यूक्रेन की सरकारी डिफेंस कंपनी यूक्रोबोरोनप्रोम (Ukroboronprom) ने अपने बयान में कहा कि एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) विमान ग्रांउड पर है. इसे गोस्तोमेल एयरपोर्ट पर ठीक किया जा रहा है. इसके एक इंजन को निकालकर दुरुस्त करने का प्रयास हो रहा है. फिलहाल इस विमान को ठीक करके उड़ाने का प्रयास किया जा रहा है. भविष्य में हम और म्रिया (Mriya) बनाएंगे. आपको बता दें कि म्रिया का मतलब सपना होता है. (फोटोः AFP)

यूक्रोबोरोनप्रोम ने कहा कि हम रूस के खिलाफ जा कर और म्रिया अगले पांच साल में बनाएंगे. इसमें करीब 3 बिलियन डॉलर्स यानी 22,670 करोड़ रुपये लगेंगे. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने अपने ट्विटर पर कहा भले ही रूस ने हमारे म्रिया को बर्बाद किया हो. लेकिन वह हमारे सपने को चूर नहीं कर पाएगा. हम एक मजबूत, आजाद औऱ लोकतांत्रिक यूरोपियन देश का निर्माण करेंगे. (फोटोः Satellite image ©2022 Maxar Technologies/Handout via REUTERS)

 

हालांकि, एंतोनोव कंपनी ने ट्वीट किया है कि अभी इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते. हमारे एक्सपर्ट इस विमान की तकनीकी सेहत की जांच कर रहे हैं. एंतोनोव की वेबसाइट पर लिखा है कि एएन-225 ने अपनी पहली उड़ान 21 दिसंबर 1988 में भरी थी. आइए जानते हैं इस विमान की खासियतों के बारे में… (फोटोः रॉयटर्स)

 

एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) के नाम कई रिकॉर्ड हैं. सबसे भारी एयरक्राफ्ट का. सबसे बड़े विंगस्पैन का. सबसे ज्यादा कार्गो 640 टन वजन उठाने का. सबसे बड़ा मालवाहक विमान होने का. इस विमान को उड़ाने के लिए 6 क्रू की जरूरत होती है. यह एक बार में 2.53 लाख किलोग्राम वजन उठा सकता है. (फोटोः AFP)

इसकी लंबाई 275.7 फीट और ऊंचाई 59.5 फीट होती है. इसका विंगस्पैन 290 फीट है. यह प्लेन बिना सामान लोड किए भी 2.85 लाख किलोग्राम का है. इसमें एक बार में 3 लाख किलोग्राम ईंधन भरा जा सकता है. यह एक बार में 46 हजार क्यूबिक फीट माल अपने पेट में रखकर उड़ सकता है. (फोटोः रॉयटर्स)

 

एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) के अंदर 6 प्रोग्रेस डी-18टी टर्बोफैन इंजन लगे हैं. हर इंजन इसे 229.5 किलोन्यूटन की ताकत देता है. इसकी अधिकतम गति 850 किलोमीटर प्रतिघंटा है. एक बार पूरा ईंधन भरने पर यह 15,400 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है. अगर इसमें 200 टन का वजन है तो यह 4000 किलोमीटर की उड़ान भर सकता है.

एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) आमतौर पर 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है. लेकिन यह जरूरत के मुताबिक अपनी ऊंचाई कम ज्यादा कर सकता है. अगर इस विमान की सबसे बड़ी उपलब्धियों का जिक्र करें तो यह विज्ञान से लेकर युद्ध क्षेत्र और आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में बड़ा मददगार साबित हुआ है. (फोटोः रॉयटर्स)

 

ये बात है साल 1989 की जब रूस की योजना थी अमेरिका के शटल कैरियर की तरह एक प्लेन बनाया जाए. साथ ही उसपर रूसी स्पेस शटल को लॉन्च किया जाए. इस काम के लिए एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) को चुना गया था. इसके ऊपर बुरान क्लास ऑर्बिटर (Buran Class Orbiter) बनाए गए थे. यह सोवियत स्पेस प्रोग्राम का हिस्सा था. (फोटोः विकिपीडिया)

एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) को एनर्जिया रॉकेट बूस्टर्स को उठान के लिए डिजाइन किया गया था. इसका डिजाइन विक्तर तोलमाचेव (Vikter Tolmachev) ने किया था. 11 सितंबर 2001 को इस जहाज में चार मुख्य युद्धक टैंकों को जिनका वजन 253.82 टन था, उन्होंने 35,270 फीट की ऊंचाई से ले जाया गया था. विमान ने चारों टैंक्स को 1000 किलोमीटर दूर 763.2 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से पहुंचाया था. (फोटोः रॉयटर्स)

11 अगस्त 2009 को एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) में अंदर एक 53.3 फीट लंबा और 14 फीट चौड़ा जेनरेटर ले जाया गया था. यह पहला सिंगर कनसाइनमेंट था, जिसे एक बार में प्लेन में चढ़ाया गया था. यह आर्मेनिया के एक गैस पावर प्लांट का जेनरेटर था. इसका वजन 189 टन था. (फोटोः रॉयटर्स)

एंतोनोव एएन-225 म्रिया (Antonov AN-225 Mriya) ने 11 जून 2010 को दुनिया का सबसे लंबा एयरकार्गो उठाया था. यह 138 फीट लंबा विंड टरबाइन ब्लेड था. जिसे उसने चीन के तियानजिन से डेनमार्क पहुंचाया था. 27 फरवरी 2022 को रूसी हमले में यह प्लेन ध्वस्त हो गया. फिलहाल इसकी मरम्मत की जा रही है. यूक्रेन को भरोसा है कि इसे जल्दी ही ठीक कर लेगा. (फोटोः Satellite image ©2022 Maxar Technologies/Handout via REUTERS)

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